इजरायल द्वारा वेस्ट बैंक के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में 1,200 नए घरों के निर्माण की योजना ने वैश्विक विवाद खड़ा कर दिया है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और कनाडा ने इस कदम को 'अस्वीकार्य' बताते हुए तत्काल वापसी की मांग की है।
- इजरायल वेस्ट बैंक के E1 क्षेत्र में 1,200 से अधिक नए घरों के लिए निविदाएं खोल रहा है।
- ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और कनाडा ने इस कदम को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।
- विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम 'दो-राज्य समाधान' (Two-State Solution) की संभावनाओं को खत्म कर सकता है।
- यह निर्णय इजरायल के आगामी चुनावों से ठीक पहले लिया गया है।
इजरायल ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक के एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिस्से में लगभग 1,200 नए बसावट घरों के निर्माण के लिए निविदाएं (tenders) शुरू करने की योजना बनाई है। इस फैसले ने पश्चिमी शक्तियों के बीच एक नया राजनयिक संकट पैदा कर दिया है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और कनाडा ने एक संयुक्त बयान जारी कर इस निर्णय को "अस्वीकार्य" करार दिया है और इजरायल से इन योजनाओं को तुरंत वापस लेने का आग्रह किया है।
अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सभी इजरायली बस्तियां अवैध मानी जाती हैं। दशकों तक अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण, इजरायल ने पूर्वी यरूशलेम के पास स्थित E1 क्षेत्र में निर्माण की योजनाओं को टाल दिया था। हालांकि, अब इजरायली आवास मंत्रालय ने 1,234 आवास इकाइयों के लिए निविदाएं जारी कर दी हैं, जो लगभग 12 वर्ग किमी क्षेत्र को कवर करती हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मुद्दा केवल निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मध्य पूर्व की भू-राजनीतिक स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा है। यदि यह परियोजना सफल होती है, तो यह वेस्ट बैंक को दो हिस्सों में विभाजित कर देगी, जिससे भविष्य में एक निरंतर और संप्रभु फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना लगभग असंभव हो जाएगी। यह विकास रामल्लाह, पूर्वी यरूशलेम और बेथलहम को जोड़ने वाले शहरी क्षेत्रों को अलग-थलग कर देगा।
ई1 परियोजना एक निरंतर फिलिस्तीनी राज्य के लिए एक अस्तित्वगत खतरा पैदा करती है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव और बेल्जियम के विदेश मंत्री ने भी इस योजना की कड़ी निंदा की है। इजरायली वित्त मंत्री बेज़ालेल स्मोट्रिच, जो एक कट्टरपंथी दक्षिणपंथी नेता हैं, ने पहले ही संकेत दिया था कि फिलिस्तीनी राज्य की अवधारणा को मिटाया जा रहा है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
1967 के मध्य पूर्व युद्ध के बाद से, इजरायल ने वेस्ट बैंक और पूर्वी यरूशलेम में लगभग 160 बस्तियां बनाई हैं, जिनमें 700,000 यहूदी रहते हैं। वहीं, इन क्षेत्रों में लगभग 3.3 मिलियन फिलिस्तीनी भी निवास करते हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाली वर्तमान दक्षिणपंथी गठबंधन सरकार के तहत बस्तियों का विस्तार तेजी से बढ़ा है।
| विशेषता | फिलिस्तीनी पक्ष | इजरायली बसावट पक्ष |
|---|---|---|
| क्षेत्रीय लक्ष्य | एक निरंतर और संप्रभु राज्य | रणनीतिक नियंत्रण और विस्तार |
| अंतरराष्ट्रीय स्थिति | अंतरराष्ट्रीय कानून का समर्थन | अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना का सामना |
निंदा के बावजूद, निविदाओं के लिए आवेदन की समय सीमा 19 अक्टूबर निर्धारित की गई है, जो 27 अक्टूबर को होने वाले इजरायली आम चुनावों से ठीक पहले है। यह रणनीतिक समय सीमा भविष्य की किसी भी सरकार के लिए इन समझौतों को रद्द करना कठिन बना देगी।
Frequently Asked Questions
1. E1 प्रोजेक्ट क्या है?
E1 प्रोजेक्ट वेस्ट बैंक के उस हिस्से का निर्माण है जो पूर्वी यरूशलेम और माले अदुमम बस्ती के बीच स्थित है।
2. अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर क्यों नाराज है?
क्योंकि यह बस्तियों का विस्तार 'दो-राज्य समाधान' के लिए भौगोलिक बाधा उत्पन्न करता है।