इजरायल की नई 'E1' बस्ती योजना ने वैश्विक विवाद खड़ा कर दिया है। ब्रिटेन, फ्रांस, कनाडा और कई अन्य देशों ने इसे फिलिस्तीनी क्षेत्रों की अखंडता के लिए खतरा बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
- इजरायल के 'E1' प्रोजेक्ट के तहत 1,200 से अधिक नए घरों के निर्माण की निविदाएं जारी की गई हैं।
- यूरोप और कनाडा सहित कई देशों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और 'अस्वीकार्य' बताया है।
- यह योजना वेस्ट बैंक को दो हिस्सों में विभाजित कर सकती है, जिससे भविष्य के फिलिस्तीनी राज्य की संभावना खत्म हो सकती है।
- संयुक्त राष्ट्र और मिस्र ने भी इस विस्तारवादी कदम पर गहरी चिंता और विरोध व्यक्त किया है।
इजरायल की एक नई और विवादास्पद बस्ती निर्माण योजना ने पूरी दुनिया में राजनयिक हलचल पैदा कर दी है। वेस्ट बैंक में एक विशाल अवैध बस्ती बनाने की इजरायली योजना, जो इस क्षेत्र को दो हिस्सों में विभाजित कर सकती है, की व्यापक स्तर पर निंदा की जा रही है।
एक संयुक्त बयान जारी करते हुए, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, कनाडा और नॉर्वे ने इजरायल द्वारा 'E1' बस्ती परियोजना के तहत 1,200 से अधिक आवास इकाइयों के लिए निर्माण निविदाएं खोलने को "अस्वीकार्य" करार दिया है। इन देशों ने चेतावनी दी है कि यह कदम फिलिस्तीनी क्षेत्रों की क्षेत्रीय निरंतरता का उल्लंघन करता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम केवल भूमि विस्तार का मामला नहीं है, बल्कि यह मध्य पूर्व में शांति प्रक्रिया की नींव को ही नष्ट कर रहा है। यदि यह परियोजना सफल होती है, तो यह वेस्ट बैंक के उत्तर और दक्षिण के बीच के संपर्क को पूरी तरह से काट देगी, जिससे पूर्वीJerusalem का फिलिस्तीनी समुदायों से संबंध टूट जाएगा।
इजरायली वित्त मंत्री बेजालल स्मोट्रिच ने इस योजना को "ऐतिहासिक" बताते हुए कहा कि फिलिस्तीनी राज्य को नारों से नहीं बल्कि कार्यों से मिटाया जा रहा है।
इस मुद्दे पर मिस्र के विदेश मंत्रालय ने भी कड़ा रुख अपनाया है। मिस्र ने यथास्थिति को बदलने के इन प्रयासों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन उल्लंघनों को रोकने के लिए गंभीर कदम उठाने का आह्वान किया है। वहीं, मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ये योजनाएं एक निरंतर फिलिस्तीनी मातृभूमि की संभावनाओं को गंभीर रूप से कमजोर करती हैं।
ऐतिहासिक रूप से, वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियां अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध मानी जाती हैं। अक्टूबर 2023 में गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से इन बस्तियों के विकास में अत्यधिक तेजी आई है। E1 परियोजना का लक्ष्य लगभग 12 वर्ग किलोमीटर की फिलिस्तीनी भूमि पर कब्जा करना है, जो पूर्वी यरुशलम को माले अदुमम बस्ती क्षेत्र से जोड़ देगी।
Frequently Asked Questions
1. E1 बस्ती योजना क्या है?
यह इजरायल की एक योजना है जिसके तहत वेस्ट बैंक में नई बस्तियां बनाई जाएंगी, जिससे फिलिस्तीनी क्षेत्रों का भौगोलिक जुड़ाव टूट जाएगा।
2. अंतरराष्ट्रीय समुदाय की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?
यूरोप, कनाडा और संयुक्त राष्ट्र ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।