हांगकांग की एक अदालत ने 1989 के तियानमेन स्क्वायर नरसंहार की याद में वार्षिक स्मृति सभा आयोजित करने वाले दो प्रमुख नेताओं को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत दोषी पाया है। इस फैसले से शहर में नागरिक स्वतंत्रता के सिमटते दायरे पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
- ली चुक-यान और चाउ हांग-टुंग को 'सबवर्जन' (तख्तापलट की साजिश) भड़काने का दोषी पाया गया।
- हांगकांग अलायंस इन सपोर्ट ऑफ पेट्रियोटिक डेमोक्रेटिक मूवमेंट्स ऑफ चाइना को भी दोषी करार दिया गया।
- दोषियों को 10 साल तक की जेल हो सकती है।
- यह फैसला हांगकांग में चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
हांगकांग की एक अदालत ने शुक्रवार को 1989 के तियानमेन स्क्वायर नरसंहार की याद में वार्षिक मोमबत्ती सभा आयोजित करने वाले दो प्रमुख पूर्व आयोजकों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत दोषी करार दिया। ली चुक-यान और चाउ हांग-टुंग, जो 'हांगकांग अलायंस इन सपोर्ट ऑफ पेट्रियोटिक डेमोक्रेटिक मूवमेंट्स ऑफ चाइना' के नेता थे, पर उपद्रव और तख्तापलट की साजिश भड़काने का आरोप लगाया गया था। हालांकि दोनों ने खुद को निर्दोष बताया था, लेकिन अदालत ने उन्हें दोषी पाया।
यह मामला हांगकांग के लोकतंत्र समर्थक आंदोलन के ध्वंस की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ली और चाउ दोनों को अधिकतम 10 वर्ष की जेल की सजा हो सकती है, जिसकी घोषणा बाद में की जाएगी। पिछले तीन दशकों से, यह गठबंधन हर साल हजारों लोगों के साथ मिलकर उन लोगों को श्रद्धांजलि देता था, जिनकी 1989 में चीन में हत्या कर दी गई थी।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह फैसला केवल एक कानूनी कार्यवाही नहीं है, बल्कि हांगकांग के राजनीतिक परिदृश्य में आए एक बड़े बदलाव का संकेत है। 2020 में चीन द्वारा लागू किए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के बाद से, हांगकांग में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। यह मामला दिखाता है कि कैसे ऐतिहासिक घटनाओं की स्मृति को अब 'राज्य की सुरक्षा के लिए खतरा' माना जा रहा है।
जॉर्जटाउन सेंटर फॉर एशियन लॉ के सीनियर फेलो एरिक लाई के अनुसार, 'हम देख सकते हैं कि हांगकांग की अदालत किस हद तक मुख्य भूमि चीन की पार्टी-नेतृत्व वाली न्यायपालिका के स्तर पर आ गई है।'
अभियोजकों ने तर्क दिया कि गठबंधन ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व को अवैध तरीकों से उखाड़ फेंकने का आह्वान किया था। वहीं, बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि 'एक-दलीय शासन का अंत' करने का उनका अर्थ केवल लोकतंत्र की ओर बढ़ना था, न कि हिंसा फैलाना। चाउ हांग-टुंग, जो एक वकील भी हैं, ने अदालत में अपने साथ किए गए व्यवहार की कड़ी आलोचना की और कहा कि न्याय लोगों के दिलों में जीवित है, न कि ऊपर से थोपे गए फैसलों में।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
1989 में बीजिंग के तियानमेन स्क्वायर में हुए प्रदर्शनों के दौरान चीनी सेना ने टैंकों के साथ कार्रवाई की थी, जिसमें सैकड़ों से लेकर हजारों लोग मारे गए थे। हांगकांग में दशकों तक इस घटना की सार्वजनिक यादगारी होती रही, लेकिन 2020 के सुरक्षा कानून के बाद से इसे प्रतिबंधित कर दिया गया है।
Frequently Asked Questions
1. इन आयोजकों पर क्या आरोप लगाए गए थे?
इन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत 'सबवर्जन' यानी देश के शासन को अस्थिर करने की साजिश रचने का आरोप था।
2. क्या इस फैसले का प्रभाव केवल इन दो व्यक्तियों पर पड़ेगा?
नहीं, यह फैसला हांगकांग में नागरिक समाज और लोकतंत्र समर्थक समूहों की गतिविधियों को भविष्य में और अधिक सीमित कर सकता है।