भारत ने अमेरिकी आयोग (USCIRF) द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर प्रतिबंध लगाने और मोहन भागवत की यात्रा को रोकने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने इस आयोग को एक पक्षपाती और विश्वसनीयता रहित संस्था करार दिया है।

  • भारत ने USCIRF की टिप्पणियों को अपमानजनक और भड़काऊ बताया है।
  • अमेरिकी आयोग ने RSS के सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
  • विदेश मंत्रालय ने आयोग को एक 'पक्षपाती' संस्था कहा है जिसका अपना राजनीतिक एजेंडा है।

नई दिल्ली में आयोजित एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान, विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अमेरिकी आयोग ऑन इंटरनेशनल रिलिजियस फ्रीडम (USCIRF) की हालिया मांगों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। भारत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अमेरिकी आयोग की मांगें न केवल अनुचित हैं, बल्कि वे भारत की छवि खराब करने के उद्देश्य से प्रेरित हैं।

विवाद की जड़ अमेरिकी आयोग के उन बयानों में है, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ प्रतिबंध लगाने और संघ के नेताओं को राजनयिक शिष्टाचार न देने की बात कही गई है। विशेष रूप से, यह विवाद मोहन भागवत की आगामी अमेरिका यात्रा के संदर्भ में और भी संवेदनशील हो गया है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह विवाद?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक संस्थागत टकराव नहीं है, बल्कि भारत और अमेरिका के बीच धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दों पर बढ़ते वैचारिक मतभेद का संकेत है। USCIRF द्वारा भारत को 'विशेष चिंता का देश' (CPC) घोषित करने की सिफारिश करना द्विपक्षीय संबंधों में एक गंभीर चुनौती पेश कर सकता है।

भारत को ऐसे संगठनों से दूर रहना चाहिए जिनके पास अपना राजनीतिक एजेंडा है और जो विश्वसनीयता की कमी रखते हैं।

USCIRF के आयुक्त जीन मिल्स ने सुझाव दिया कि अमेरिकी सरकार को उन RSS सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार पाए जाते हैं। वहीं, आयोग के अध्यक्ष आसिफ महमूद ने RSS पर धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमलों में शामिल होने का आरोप लगाया है।

ऐतिहासिक संदर्भ

यह विवाद पहली बार तब गहराया जब मार्च में USCIRF की वार्षिक रिपोर्ट में भारत की धार्मिक स्वतंत्रता पर सवाल उठाए गए थे। उस रिपोर्ट में अनुसंधान और विश्लेषण विंग (R&AW) और RSS जैसी संस्थाओं को भी निशाना बनाया गया था। भारत लगातार इन आरोपों को निराधार और भारत की संप्रभुता पर हमला बता चुका है।

Did You Know?: USCIRF एक स्वतंत्र अमेरिकी संघीय आयोग है जिसका काम दुनिया भर में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति की निगरानी करना है।

Frequently Asked Questions

1. USCIRF क्या है?
यह अमेरिकी आयोग ऑन इंटरनेशनल रिलिजियस फ्रीडम है, जो धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दों पर अमेरिकी सरकार को सलाह देता है।

2. भारत ने अमेरिकी आयोग को क्या कहा?
भारत ने इसे एक 'पक्षपाती' और 'भड़काऊ' संस्था कहा है जो भारत के खिलाफ एजेंडा चला रही है।