मुअम्मर गद्दाफी के शासन के अंत के 15 साल बाद, लीबिया के दो प्रतिद्वंद्वी गुट पहली बार एक साझा बजट पर सहमत हुए हैं, जो देश में शांति की एक नई उम्मीद जगाता है।

  • लीबिया के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों ने पहली बार 190 बिलियन दीनार के साझा बजट पर सहमति जताई है।
  • 2011 में गद्दाफी के पतन के बाद से देश लंबे समय तक राजनीतिक विभाजन और संघर्ष में रहा है।
  • अमेरिका समर्थित इस नए आर्थिक सहयोग को शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
  • हालांकि, सैन्य मोर्चों पर तनाव कम हुआ है, लेकिन आंतरिक हत्याओं और गुटबाजी का खतरा अभी भी बना हुआ है।

त्रिपोली, लीबिया: मुअम्मर गद्दाफी के पतन के 15 वर्ष बाद, लीबिया एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां वर्षों से चले आ रहे राजनीतिक विभाजन के बीच सहयोग की एक धुंधली सी किरण दिखाई दे रही है। अप्रैल में, लीबिया की प्रतिद्वंद्वी विधायिकाओं ने एक दशक से अधिक समय में पहली बार 190 बिलियन दीनार (लगभग $30 बिलियन) के बजट पर सहमति व्यक्त की है। यह बजट न केवल देश के आर्थिक विभाजन को दर्शाता है, बल्कि उन दोनों गुटों के बीच सहयोग की एक उभरती हुई जगह को भी प्रदर्शित करता है जो अब तक एक-दूसरे के खिलाफ खड़े थे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: एक अस्थिर विरासत

लीबिया का इतिहास 2011 के उन हिंसक विरोध प्रदर्शनों से शुरू हुआ जिसने गद्दाफी के शासन को उखाड़ फेंका। नेशनल ट्रांजिशनल काउंसिल (NTC) ने 2012 में देश का पहला शांतिपूर्ण चुनाव कराया, जो लीबिया के इतिहास में सत्ता हस्तांतरण का एकमात्र सफल उदाहरण बना। हालांकि, यह शांति अल्पकालिक थी। 2014 में, पूर्व गद्दाफी जनरल खलीफा हाफ्तर ने एक सैन्य अभियान शुरू किया, जिसके परिणामस्वरूप देश दो अलग-अलग सत्ता केंद्रों में बंट गया: एक त्रिपोली में और दूसरा टौब्रुक में।

तब से, लीबिया संयुक्त राष्ट्र द्वारा मान्यता प्राप्त 'गवर्नमेंट ऑफ नेशनल एग्रीमेंट' (GNA) और पूर्वी गुटों के बीच संघर्ष का केंद्र बना रहा है। 2021 में अब्दुल हमीद डबेइबा के अंतरिम प्रधानमंत्री बनने के बाद भी चुनाव की प्रक्रिया और उम्मीदवारों की पात्रता को लेकर विवादों का सिलसिला थमा नहीं है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, लीबिया का राजनीतिक संकट केवल स्थानीय मुद्दा नहीं है, बल्कि यह वैश्विक तेल आपूर्ति और भूमध्यसागरीय सुरक्षा को सीधे प्रभावित करता है। यदि लीबिया के ये दो गुट एक साझा बजट और सैन्य सहयोग पर टिके रहते हैं, तो यह पूरे उत्तरी अफ्रीका की स्थिरता के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

लीबिया में आर्थिक सहयोग की यह नई लहर राजनीतिक स्थिरता के लिए आधारशिला बन सकती है, बशर्ते यह केवल अस्थायी समझौता न हो।

हालिया सैन्य अभ्यासों में एक दिलचस्प बदलाव देखा गया है। सिरते के पास आयोजित एक अमेरिकी नेतृत्व वाले सैन्य अभ्यास के दौरान, पूर्वी और पश्चिमी प्राधिकरणों के सैनिकों ने एक साथ प्रशिक्षण लिया। इस अभ्यास में हाफ्तर के बेटे सद्दाम हाफ्तर और त्रिपोली के उप रक्षा मंत्री अब्देल सलाम ज़ौबी की उपस्थिति ने संकेत दिया कि दुश्मन अब एक मेज पर आने के लिए तैयार हैं।

चुनौतियां और आंतरिक हिंसा

भले ही बाहरी मोर्चों पर युद्ध विराम बना हुआ है, लेकिन लीबिया के भीतर आंतरिक हिंसा का एक नया रूप उभर रहा है। हाल ही में त्रिपोली में मिलिशिया नेता अब्दुल गनी अल-किकली की हत्या और बेंगाजी में सैन्य खुफिया प्रमुख फौजी अल-मान्सूरी की बम हमले में मौत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सत्ता के भीतर भी संघर्ष जारी है।

Did You Know?: लीबिया की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से तेल निर्यात पर टिकी है, और अक्सर राजनीतिक गुट तेल बंदरगाहों को बंद करके अपनी शक्ति का प्रदर्शन करते हैं।

Frequently Asked Questions

1. लीबिया में वर्तमान में कितने मुख्य राजनीतिक गुट हैं?
मुख्य रूप से दो प्रतिद्वंद्वी सत्ता केंद्र हैं—एक त्रिपोली (पश्चिम) में स्थित है और दूसरा टौब्रुक/बेंगाजी (पूर्व) में स्थित है।

2. क्या लीबिया में जल्द ही चुनाव होने की संभावना है?
सभी पक्ष चुनावों का समर्थन करते हैं, लेकिन चुनाव कानूनों, उम्मीदवारों की पात्रता और सरकार की शक्तियों पर गहरा मतभेद है।