रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रियाबकोव ने कहा है कि मॉस्को यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए उन प्रस्तावों पर विचार करने को तैयार है जो राष्ट्रपति पुतिन के लक्ष्यों और जमीनी हकीकत के अनुरूप हों।
- रूस केवल उन्हीं शांति प्रस्तावों पर विचार करेगा जो पुतिन के उद्देश्यों के अनुकूल हों।
- मॉस्को का ध्यान अब इस बात पर है कि वाशिंगटन यूक्रेन और उसके यूरोपीय समर्थकों को कितना प्रभावित कर सकता है।
- अमेरिका के ईरान के साथ युद्ध के कारण मध्यस्थता के प्रयास बाधित हुए हैं।
- जमीनी स्तर पर हमले तेज हो गए हैं, जिसमें खार्किव और ज़ापोरिजिया क्षेत्र में नागरिक हताहत हुए हैं।
मॉस्को: रूस ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि यूक्रेन में जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए वह 'नए विचारों' के प्रति खुला है, लेकिन एक महत्वपूर्ण शर्त के साथ। रूसी उप विदेश मंत्री सर्गेई रियाबकोव ने संकेत दिया है कि कोई भी शांति प्रस्ताव केवल तभी स्वीकार्य होगा जब वह राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों और युद्ध के मैदान की वर्तमान 'वास्तविकताओं' के साथ मेल खाता हो।
रियाबकोव के इस बयान को वैश्विक कूटनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि रूस संभवतः अमेरिका के साथ अपने संबंधों को फिर से परिभाषित करने और ट्रंप प्रशासन के माध्यम से अपने एजेंडे को समर्थन दिलाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, वाशिंगटन का ध्यान वर्तमान में ईरान के साथ चल रहे संघर्ष की ओर स्थानांतरित हो गया है, जिससे यूक्रेन मध्यस्थता के प्रयासों में बाधा आ रही है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि रूस का रुख यह दर्शाता है कि वह अब केवल रक्षात्मक नहीं है, बल्कि वह शांति की बातचीत में अपनी शर्तों को थोपने की स्थिति में है। यदि अमेरिका यूक्रेन पर नियंत्रण नहीं कर पाता है, तो रूस को एक रणनीतिक बढ़त मिल सकती है।
रूस का 'नए विचारों' के लिए तैयार होना वास्तव में पुतिन की शर्तों को वैश्विक मान्यता दिलाने का एक कूटनीतिक प्रयास है।
ऐतिहासिक रूप से, पुतिन ने युद्ध विराम के लिए सख्त शर्तें रखी हैं, जिनमें पूर्वी डोनबास क्षेत्र का पूर्ण नियंत्रण, यूक्रेन का विसैन्यीकरण और नाटो (NATO) में शामिल न होने का वादा शामिल है। पिछले वर्ष वाशिंगटन द्वारा तैयार किया गया 28-सूत्रीय शांति प्रस्ताव भी विफल रहा था क्योंकि उसे रूसी मांगों के सामने आत्मसमर्पण माना गया था।
दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने भी कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है। ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन को अब 'परिणामों' की आवश्यकता है और उन्होंने विशेष रूप से अमेरिका में नए दृष्टिकोणों की मांग की है। हाल ही में ज़ेलेंस्की ने व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी, जहाँ रक्षा सहयोग और बातचीत को फिर से शुरू करने पर चर्चा हुई थी।
जमीनी हकीकत भयावह बनी हुई है। हाल के हफ्तों में दोनों पक्षों ने घातक हमले तेज कर दिए हैं। खार्किव में रूसी हमलों में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि ज़ापोरिजिया में भी नागरिक हताहत हुए। साथ ही, रूस के भीतर भी यूक्रेनी ड्रोन हमलों की खबरें आई हैं, जो इस युद्ध के विस्तार की ओर इशारा करते हैं।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: रूस की शांति के लिए मुख्य शर्तें क्या हैं?
उत्तर: रूस चाहता है कि यूक्रेन डोनबास क्षेत्र सौंप दे, विसैन्यीकृत हो जाए और नाटो में शामिल न होने की गारंटी दे।
प्रश्न 2: अमेरिका की भूमिका इस समय क्या है?
उत्तर: अमेरिका मध्यस्थ के रूप में भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ईरान के साथ युद्ध के कारण उसकी ऊर्जा और ध्यान विभाजित है।