ईरान के साथ युद्ध के बीच नौ महीने तक समुद्र में रहने के बाद अमेरिकी विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन मध्य पूर्व से रवाना हो गया है। चालक दल के मानसिक स्वास्थ्य और भोजन की कमी की गंभीर चिंताएं सामने आई हैं।

  • USS अब्राहम लिंकन ने नौ महीने का लंबा मिशन पूरा कर मध्य पूर्व छोड़ दिया है।
  • चालक दल के मानसिक स्वास्थ्य, अत्यधिक थकान और भोजन की कमी की खबरें आई हैं।
  • जापान स्थित USS जॉर्ज वाशिंगटन ने अब इस क्षेत्र की जिम्मेदारी संभाल ली है।

अमेरिकी नौसेना का शक्तिशाली विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन आखिरकार मध्य पूर्व के तनावपूर्ण क्षेत्र से निकलकर अपने घर की ओर रवाना हो गया है। नवंबर 2025 में सैन डिएगो से रवाना होने के बाद, फरवरी में ईरान के साथ शुरू हुए युद्ध के कारण इस पोत को अपना रास्ता बदलना पड़ा था। नौ महीने से अधिक समय तक समुद्र में रहने के बाद, अब यह पोत अपने लगभग 5,000 कर्मियों के साथ सैन डिएगो वापस लौट रहा है।

इस तैनाती के दौरान, लिंकन ने हजारों विमानों के उड़ान भरने के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में कार्य किया, जिससे अमेरिकी सैन्य अभियानों को भारी समर्थन मिला। हालांकि, इस सफलता की कीमत चालक दल को भारी मानसिक और शारीरिक तनाव के रूप में चुकानी पड़ी है। नाविकों के परिवारों ने पोत पर खराब परिस्थितियों, अत्यधिक थकान और भोजन की कमी के गंभीर आरोप लगाए हैं।

क्यों यह महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि लंबे समय तक समुद्र में रहने वाले मिशन न केवल भू-राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित करते हैं, बल्कि सैन्य शक्ति के सबसे महत्वपूर्ण घटक—मानव संसाधन—पर भी गहरा प्रभाव डालते हैं। यह घटना आधुनिक युद्ध कौशल में रसद (logistics) और मानसिक स्वास्थ्य के बीच के नाजुक संतुलन को रेखांकित करती है।

लंबे समय तक समुद्र में तैनाती करना अद्वितीय रूप से चुनौतीपूर्ण और कठिन है, और लोग तनाव के प्रति अलग-अलग प्रतिक्रिया देते हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ परिवारों ने दावा किया है कि नाविकों की स्थिति बहुत खराब हो गई थी। बीबीसी को दिए एक साक्षात्कार में एक रिश्तेदार ने बताया कि एक नाविक ने 29 किलो वजन खो दिया था और वह अत्यधिक थकान से जूझ रहा था। अमेरिकी सांसदों ने भी इस पर चिंता व्यक्त की है, क्योंकि यह पोत 200 दिनों से अधिक समय तक बिना किसी बंदरगाह पर रुके समुद्र में रहा है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

अमेरिकी विमानवाहक पोत दशकों से अमेरिकी नौसेना की शक्ति का प्रतीक रहे हैं। इन पोतों पर हजारों सैनिकों और चालक दल के सदस्यों की तैनाती होती है, जो महीनों तक दुनिया से कटे रहते हैं। ईरान के साथ बढ़ते तनाव ने इन पोतों की कार्यक्षमता और उनके क्रू की सहनशक्ति की कड़ी परीक्षा ली है।

दूसरी ओर, अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने इन दावों का खंडन किया है। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि परिस्थितियों के बारे में रिपोर्ट 'पूरी तरह से गलत' हैं। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी तैनाती की अवधि को लेकर उठ रहे सवालों को खारिज कर दिया।

Did You Know?: एक विमानवाहक पोत पर लगभग 5,000 लोग रहते हैं, जो एक छोटे शहर की तरह काम करता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: USS अब्राहम लिंकन की जगह अब कौन सा पोत मध्य पूर्व में तैनात है?
उत्तर: जापान स्थित USS जॉर्ज वाशिंगटन ने अब इस क्षेत्र में लिंकन की भूमिका संभाल ली है।

प्रश्न 2: क्या चालक दल के मानसिक स्वास्थ्य के मामले बढ़े हैं?
उत्तर: अमेरिकी नौसेना का कहना है कि उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के मामलों में किसी वृद्धि का रिकॉर्ड नहीं पाया है, हालांकि वे एक हालिया घटना की जांच कर रहे हैं।