न्यू जर्सी में रहने वाले 21 वर्षीय जय सुनीलभारथी गोस्वामी को बुजुर्गों से करोड़ों डॉलर की ठगी करने के आरोप में कनाडा में हिरासत में लिया गया है। वह कतर भागने की कोशिश कर रहा था।
- 21 वर्षीय जय सुनीलभारथी गोस्वामी को अमेरिका में बुजुर्गों के खिलाफ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
- आरोपी कतर भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन टोरंटो एयरपोर्ट पर उसे पकड़ लिया गया।
- इस घोटाले में बुजुर्ग पीड़ितों से लगभग 7.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 62 करोड़ रुपये) की ठगी की गई।
अमेरिका में बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले एक बहु-मिलियन डॉलर के धोखाधड़ी घोटाले में एक 21 वर्षीय भारतीय नागरिक, जय सुनीलभारथी गोस्वामी, की गिरफ्तारी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। गुजरात के मूल निवासी गोस्वामी, जो न्यू जर्सी के जर्सी सिटी में रहते थे, को कनाडा में तब हिरासत में लिया गया जब वह कतर भागने का प्रयास कर रहे थे।
अमेरिकी अटॉर्नी माइकल डीजियाकोमो के अनुसार, गोस्वामी पर वायर फ्रॉड, धोखाधड़ी की साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन अपराधों के लिए उसे अधिकतम 20 साल तक की जेल हो सकती है। मामले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आरोपी को अमेरिकी मजिस्ट्रेट जज मार्क पेडरसन के सामने पेश करने के बाद जमानत मिली थी, जिसके तुरंत बाद उसने कनाडा की सीमा में प्रवेश कर लिया।
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह के 'मनी म्यूल' (Money Mule) नेटवर्क वैश्विक स्तर पर साइबर अपराधियों के लिए एक बड़ा खतरा बन रहे हैं। अपराधी सीधे तौर पर पैसे नहीं चुराते, बल्कि स्थानीय स्तर पर काम करने वाले युवाओं का उपयोग करते हैं ताकि जांच का रास्ता भटक जाए। गोस्वामी ने कथित तौर पर न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी में कम से कम नौ बार बुजुर्गों से नकद और सोना इकट्ठा करने में मदद की।
बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले ये नेटवर्क तकनीकी रूप से उन्नत और संगठित होते हैं, जो समाज के सबसे कमजोर वर्ग का फायदा उठाते हैं।
जांच में पाया गया कि इस घोटाले के शिकार हुए लोग 59 से 87 वर्ष की आयु के बीच थे। अपराधियों ने पीड़ितों को डराया कि उनके बैंक खाते या व्यक्तिगत जानकारी खतरे में है, और फिर उन्हें अपनी संपत्ति को नकदी, सोने या गिफ्ट कार्ड में बदलने के लिए मजबूर किया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: मनी म्यूल स्कैम का बढ़ता खतरा
पिछले कुछ वर्षों में, 'मनी म्यूल' का उपयोग करने वाले वित्तीय अपराधों में भारी वृद्धि हुई है। अपराधी अक्सर सोशल मीडिया या नौकरी के विज्ञापनों के माध्यम से युवाओं को 'पैसे ट्रांसफर करने' के काम का लालच देते हैं, जो वास्तव में अवैध धन को वैध बनाने की प्रक्रिया होती है। इस मामले में, गोस्वामी ने अपने अमेरिकी बैंक खाते में अगस्त 2025 से अप्रैल 2026 के बीच 90,000 डॉलर से अधिक जमा किए, जो संभवतः उसकी अवैध गतिविधियों का हिस्सा थे।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: जय गोस्वामी पर क्या आरोप हैं?
उत्तर: उन पर वायर फ्रॉड, मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी की साजिश रचने के आरोप हैं।
प्रश्न 2: यह घोटाला कैसे काम करता था?
उत्तर: अपराधी खुद को कानून प्रवर्तन अधिकारी बताकर बुजुर्गों को डराते थे और उन्हें अपनी संपत्ति नकदी या सोने में बदलने के लिए मजबूर करते थे।