ईरान ने इराक के तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की विशेष अनुमति दे दी है, जिससे बगदाद को अपनी ऊर्जा निर्यात में राहत मिलने की उम्मीद है। इराक ने स्पष्ट किया है कि वह क्षेत्रीय संघर्षों में नहीं खिंचेगा।
- ईरान ने इराक के तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की विशेष अनुमति प्रदान की है।
- यह निर्णय ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिफ़ाव की इराक यात्रा के बाद लिया गया है।
- इराकी राष्ट्रपति निज़ार अमीदी ने जोर देकर कहा कि इराक की भूमि का उपयोग किसी भी देश पर हमले के लिए नहीं किया जाएगा।
- क्षेत्रीय युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात पहले की तुलना में काफी कम हो गया है।
ईरानी राज्य मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने बगदाद के बार-बार किए गए अनुरोधों को स्वीकार करते हुए इराक के कई तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने की अनुमति दे दी है। यह कदम उस समय उठाया गया है जब इस रणनीतिक जलमार्ग में तनाव और युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित हो रही है।
इरानी सरकारी समाचार सेवा IRNA ने बताया कि इराक के तेल टैंकरों के लिए विशेष अनुमति प्राप्त करना बगदाद की प्रमुख मांगों में से एक था। इस मुद्दे पर ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिफ़ाव ने हाल ही में इराक का दौरा किया था, जहाँ दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और व्यापारिक मार्गों पर गहन चर्चा हुई।
क्यों महत्वपूर्ण है यह घटनाक्रम?
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यह निर्णय न केवल इराक की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह मध्य पूर्व में ईरान और इराक के बीच बढ़ते सामरिक सहयोग को भी दर्शाता है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, और यहाँ ईरान का नियंत्रण वैश्विक तेल कीमतों को सीधे प्रभावित करता है।
ईरान द्वारा इराक को दी गई यह छूट क्षेत्रीय भू-राजनीति में बगदाद की बढ़ती स्वायत्तता और ईरान के साथ उसके रणनीतिक संबंधों का प्रमाण है।
बगदाद डायलॉग नीति सम्मेलन में बोलते हुए, इराक के राष्ट्रपति निज़ार अमीदी ने स्पष्ट किया कि ईरान ने हाल के दिनों में इराक के तेल से लदे कुछ जहाजों के मार्ग को सुगम बनाया है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इराक की धरती का उपयोग किसी अन्य देश के खिलाफ हमले के लिए नहीं होने दिया जाएगा। अमीदी ने कहा, "क्षेत्र में चल रहे युद्ध में इराक को घसीटने से हर कोई बचना चाहता है, और इसके परिणाम हमारे देश के लिए बहुत कठोर रहे हैं।"
तेहरान विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मोस्तफा खोशचेशम ने Al Jazeera से बात करते हुए कहा कि ईरान ने इराक को 'मित्र देश' मानते हुए यह रियायत दी है क्योंकि बगदाद ने हमेशा अमेरिका के दबाव का सामना किया है। उन्होंने संकेत दिया कि यह कदम उन खाड़ी देशों के प्रति एक कूटनीतिक संदेश भी हो सकता है जो अमेरिकी सैन्य अड्डों का उपयोग ईरान के खिलाफ करते हैं।
ऐतिहासिक संदर्भ
होर्मुज जलडमरूमध्य दशकों से वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा का केंद्र रहा है। अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष के बढ़ने के बाद से, इस क्षेत्र में जहाजों पर हमले और तनाव बढ़े हैं, जिससे व्यापारिक यातायात युद्ध-पूर्व स्तर से काफी नीचे गिर गया है। इराक, जो प्रतिदिन लगभग 4 मिलियन बैरल तेल का उत्पादन करता है, अपनी निर्यात क्षमता बढ़ाने के लिए तुर्की, सीरिया और जॉर्डन के बंदरगाहों का भी विकल्प तलाश रहा है।
Frequently Asked Questions
1. इराक अपने तेल निर्यात के लिए किन अन्य मार्गों का उपयोग कर रहा है?
इराक तुर्की के सेयहान बंदरगाह, सीरिया के बानियास बंदरगाह और जॉर्डन के अकाबा बंदरगाह के माध्यम से भी निर्यात करने की योजना बना रहा है।
2. होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव का क्या प्रभाव पड़ता है?
तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही कम हो जाती है, जिससे वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति प्रभावित होती है और कीमतें बढ़ सकती हैं।