पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीबीसी के खिलाफ चल रहे 10 बिलियन डॉलर के मानहानि मामले में अपने परिवार के सदस्यों को समन भेजने की कोशिशों को रोकने के लिए न्यायाधीश से गुहार लगाई है।
- डोनाल्ड ट्रंप ने इवांका ट्रंप, जारेड कुशनर और डोनाल्ड ट्रंप जूनियर को समन भेजने की बीबीसी की कोशिश का विरोध किया है।
- ट्रंप के वकीलों का आरोप है कि बीबीसी राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए यह कदम उठा रहा है।
- यह मामला जनवरी 6 के भाषण के कथित गलत संपादन (editing) से संबंधित है।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मियामी के एक संघीय न्यायाधीश से बीबीसी (BBC) द्वारा उनके परिवार के तीन सदस्यों को प्रमाणित मेल के माध्यम से समन भेजने की अनुमति देने से इनकार करने का आग्रह किया है। यह कानूनी लड़ाई एक अत्यंत महत्वपूर्ण मानहानि मामले से जुड़ी है, जो बीबीसी द्वारा जनवरी 6 के एक भाषण के कथित संपादन के इर्द-गिर्द घूम रही है।
ट्रंप के निजी वकीलों ने शुक्रवार को अदालत में दायर एक दस्तावेज़ में तर्क दिया कि बीबीसी, इवांका ट्रंप, जारेड कुशनर और डोनाल्ड ट्रंप जूनियर को समन भेजकर उन पर 'राजनीतिक रूप से प्रेरित दबाव' बनाने की कोशिश कर रहा है। मियामी में अमेरिकी जिला न्यायाधीश जेफरी कुंट्ज़ ने अभी तक इस विवाद पर कोई निर्णय नहीं लिया है।
विवाद की पृष्ठभूमि
मामले की जटिलता तब बढ़ गई जब बीबीसी के एक प्रोसेस सर्वर ने मई में इवांका ट्रंप और कुशनर के निवास पर समन देने की कोशिश की, लेकिन सीक्रेट सर्विस एजेंटों ने कहा कि उन्हें इसे स्वीकार करने का अधिकार नहीं है। इसके बाद, सर्वर ने न्यूयॉर्क में ट्रंप टॉवर में भी डोनाल्ड ट्रंप जूनियर को समन देने का प्रयास किया, जो असफल रहा।
बीबीसी ने अब अदालत से अनुमति मांगी है कि वह व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के बजाय प्रमाणित मेल के माध्यम से समन भेज सके। हालांकि, ट्रंप के वकीलों का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया एक 'राजनीतिक रूप से आवेशित खोज अभियान' का हिस्सा है जिसे पहले ही अदालत द्वारा अत्यधिक व्यापक माना जा चुका है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल मानहानि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मीडिया की स्वतंत्रता और राजनीतिक हस्तियों की गोपनीयता के बीच के संघर्ष को भी दर्शाता है। यदि अदालत बीबीसी को अनुमति देती है, तो यह भविष्य में मीडिया संस्थानों के लिए कानूनी खोज (discovery) के नए रास्ते खोल सकता है।
यह कानूनी लड़ाई मीडिया की रिपोर्टिंग की सीमाओं और राजनीतिक दिग्गजों के खिलाफ कानूनी हथियारों के उपयोग के बीच एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
ट्रंप का दावा है कि बीबीसी ने जनवरी 6, 2021 को व्हाइट हाउस के पास दिए गए उनके भाषण को जानबूझकर गलत तरीके से संपादित किया ताकि उनके शब्दों को गलत तरीके से पेश किया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि बीबीसी ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव से ठीक एक सप्ताह पहले अपनी डॉक्यूमेंट्री प्रसारित करके चुनाव परिणामों को प्रभावित करने का प्रयास किया।
हालांकि बीबीसी ने गलत संपादन के लिए माफी मांगी है, लेकिन उन्होंने मानहानि के आरोपों से इनकार किया है। अब अदालत का ध्यान इस बात पर है कि क्या ब्रॉडकास्टर को परिवार के सदस्यों को मेल के माध्यम से समन भेजने की अनुमति दी जानी चाहिए।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: ट्रंप बीबीसी पर क्या आरोप लगा रहे हैं?
उत्तर: ट्रंप का आरोप है कि बीबीसी ने उनके भाषण को गलत तरीके से संपादित किया ताकि उन्हें गलत तरीके से पेश किया जा सके और 2024 के चुनाव को प्रभावित किया जा सके।
प्रश्न 2: मामला वर्तमान में किस चरण में है?
उत्तर: मामला वर्तमान में साक्ष्य जुटाने (discovery phase) के चरण में है, जहाँ बीबीसी ट्रंप के परिवार के सदस्यों की गवाही चाहता है।