अमेरिका के सीरिया विशेष दूत टॉम बैरक ने गोलान हाइट्स पर इजरायल के कब्जे को लेकर दिए अपने पिछले बयान को वापस ले लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रंप प्रशासन की इजरायली संप्रभुता वाली नीति में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
- टॉम बैरक ने गोलान हाइट्स के संबंध में अपने पिछले 'कब्जे' वाले बयान को वापस लिया।
- बैराक ने स्पष्ट किया कि 2019 में राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा इजरायल की संप्रभुता को मान्यता देने की नीति बरकरार है।
- उन्होंने लेबनान और सीरिया में इजरायली सैन्य कार्रवाइयों पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की।
संयुक्त राज्य अमेरिका के सीरिया विशेष दूत टॉम बैरक ने गोलान हाइट्स के संबंध में अपने उस विवादास्पद बयान को वापस ले लिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि इजरायल अभी भी संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का उल्लंघन करते हुए इस क्षेत्र पर 'कब्जा' किए हुए है। रविवार को जारी एक स्पष्टीकरण में, बैरक ने कहा कि उनका पिछला बयान क्षेत्र की ऐतिहासिक स्थिति का संदर्भ था, न कि अमेरिकी विदेश नीति में किसी बदलाव का संकेत।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब बैराक ने एक साक्षात्कार में गोलान हाइट्स को 'कब्जे वाला क्षेत्र' बताया। इस टिप्पणी के बाद वाशिंगटन में तीखी प्रतिक्रिया हुई, जिसमें फ्लोरिडा के रिपब्लिकन सीनेटर रिक स्कॉट ने भी नाराजगी जताई। बैराक ने स्पष्ट किया कि 2019 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गोलान हाइट्स पर इजरायल की संप्रभुता को मान्यता देने का निर्णय अभी भी कायम है और अमेरिका की नीति में कोई बदलाव नहीं आया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मध्य पूर्व में अमेरिका की भूमिका अत्यंत संवेदनशील है। गोलान हाइट्स का मुद्दा न केवल इजरायल और सीरिया के बीच का विवाद है, बल्कि यह वैश्विक भू-राजनीति और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के साथ अमेरिका के संबंधों को भी प्रभावित करता है। बैराक का बयान वापस लेना यह दर्शाता है कि ट्रंप प्रशासन की महत्वपूर्ण विदेश नीतिगत निर्णयों को लेकर व्हाइट हाउस अत्यधिक सतर्क है।
टॉम बैरक का स्पष्टीकरण यह सुनिश्चित करने का एक प्रयास है कि इजरायल के प्रति अमेरिकी समर्थन और ट्रंप युग की ऐतिहासिक विदेश नीति पर कोई संदेह न रहे।
बैरक ने लेबनान में चल रही बातचीत और सीरिया में इजरायली हवाई हमलों पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि लेबनान में शांति के लिए बातचीत कठिन है क्योंकि वहां हथियारों की आपूर्ति और वित्तपोषण ईरान द्वारा किया जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका हिजबुल्लाह जैसे आतंकवादी संगठनों के साथ कोई बातचीत नहीं करता है।
इसके अतिरिक्त, सीरिया में इजरायली हमलों के संदर्भ में, इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने स्पष्ट किया कि ये कार्रवाई तुर्की के प्रभाव को रोकने और इजरायली सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक थी। यह मुद्दा तब और बढ़ गया जब सीरिया में तुर्की की बढ़ती उपस्थिति को लेकर इजरायल और तुर्की के बीच तनाव देखा गया।
Frequently Asked Questions
1. क्या अमेरिका ने गोलान हाइट्स पर अपनी नीति बदल दी है?
नहीं, टॉम बैरक ने स्पष्ट किया है कि 2019 में ट्रंप द्वारा इजरायल की संप्रभुता को मान्यता देने की नीति अपरिवर्तित है।
2. टॉम बैरक का विवादित बयान क्या था?
बैरक ने कहा था कि इजरायल अभी भी गोलान हाइट्स पर कब्जा किए हुए है, जिसे बाद में उन्होंने केवल एक ऐतिहासिक संदर्भ बताया।