यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने युद्ध के दौरान राष्ट्रपति चुनाव कराने के प्रस्तावों को खारिज कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि बिना सुरक्षा गारंटी के मतदान करने से देश में आंतरिक विभाजन पैदा हो सकता है और राष्ट्रीय एकता को खतरा हो सकता है।

  • ज़ेलेंस्की ने युद्ध के दौरान चुनाव कराने के प्रस्तावों को 'देश के लिए सुनामी' बताया।
  • यूक्रेन में मार्शल लॉ लागू होने के कारण वर्तमान में चुनाव कराना कानूनी रूप से प्रतिबंधित है।
  • पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को जीवित रखने के लिए चुनाव की मांग की थी।
  • सर्वेक्षणों के अनुसार, अधिकांश यूक्रेनी युद्ध समाप्त होने के बाद ही चुनाव चाहते हैं।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने युद्ध के मौजूदा हालातों में राष्ट्रपति चुनाव कराने के किसी भी आह्वान का पुरजोर विरोध किया है। ज़ेलेंस्की ने तर्क दिया है कि बिना किसी ठोस सुरक्षा गारंटी के चुनाव आयोजित करना यूक्रेन को आंतरिक रूप से विभाजित कर सकता है और अंततः देश की स्थिरता को नष्ट कर सकता है।

यह विवाद तब गहरा गया जब यूक्रेन के पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव ने पिछले सप्ताह एक वीडियो संदेश के माध्यम से युद्ध के दौरान भी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को जारी रखने के लिए चुनाव कराने की वकालत की थी। फेडोरोव का तर्क था कि 'लोकतंत्र को रूस द्वारा बंधक नहीं बनाया जा सकता।' हालांकि, ज़ेलेंस्की ने इस विचार को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इस तरह के युद्ध के दौरान चुनाव की ओर बढ़ना देश को तबाह करने जैसा होगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं बल्कि अस्तित्व का है। यूक्रेन में फरवरी 2022 से रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के बाद से मार्शल लॉ लागू है, जो राष्ट्रीय चुनावों को कानूनी रूप से रोकता है। ज़ेलेंस्की का कार्यकाल मई 2024 में समाप्त हो गया था, लेकिन युद्धकालीन कानूनी ढांचे के तहत वे पद पर बने हुए हैं।

'चुनाव इस समय राज्य के लिए एक सुनामी की तरह हैं, जो यूक्रेन को विभाजित कर देंगे।' - वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की

चुनाव कराने में भारी लॉजिस्टिक चुनौतियां भी शामिल हैं। लाखों यूक्रेनी विस्थापित हैं या विदेशों में रह रहे हैं, जबकि सेना के जवान मोर्चे पर तैनात हैं और देश के कई हिस्से रूसी कब्जे में हैं। ऐसे में निष्पक्ष और सुरक्षित मतदान करना लगभग असंभव है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

फरवरी 2022 में रूस के आक्रमण के बाद से यूक्रेन ने कोई भी राष्ट्रीय चुनाव नहीं कराया है। मार्शल लॉ के लागू होने के कारण राष्ट्रपति और संसदीय दोनों ही चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं। यूक्रेन की लोकतांत्रिक संरचना वर्तमान में युद्धकालीन आपातकालीन कानूनों के तहत संचालित हो रही है।

Did You Know?: कीव इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोशियोलॉजी के अनुसार, 57% यूक्रेनी युद्ध समाप्त होने के बाद ही चुनाव कराने के पक्ष में हैं।

Frequently Asked Questions

1. क्या यूक्रेन में वर्तमान में चुनाव कराना कानूनी है?
नहीं, यूक्रेन में मार्शल लॉ लागू होने के कारण राष्ट्रीय चुनाव कराना वर्तमान कानूनों के तहत प्रतिबंधित है।

2. मिखाइलो फेडोरोव ने चुनाव की मांग क्यों की?
फेडोरोव का मानना था कि यूक्रेन को एक लंबे युद्ध की स्थिति में भी अपनी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को नवीनीकृत करने के लिए एक कानूनी तंत्र खोजना चाहिए।