इकोनॉमिक टाइम्स के विश्व नेताओं फ़ोरम 2026 में बोरिस जॉनसन ने कहा कि भारत, संयुक्त राज्य और यूनाइटेड किंगडम को मिलकर पश्चिम एशिया के बढ़ते संकट का समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने भारत को ईरान‑अमेरिका तनाव के समाधान में प्रमुख भूमिका निभाने की संभावना बताई।
- बोरिस जॉनसन ने भारत को US‑Iran तनाव में मध्यस्थ मानते हुए कहा कि भारत US को इरान‑जाल से बाहर निकाल सकता है।
- तीन‑पक्षीय सहयोग (भारत‑US‑UK) को पश्चिम एशिया में स्थिरता लाने की आवश्यकता है।
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना और ईरान के साथ समझौता करना क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए अहम है।
इकोनॉमिक टाइम्स के विश्व नेताओं फ़ोरम (ET WLF) 2026 में पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अपने भाषण में भारत को US‑Iran संकट का समाधान खोजने में मुख्य साझेदार बताया। उन्होंने कहा, "भारत, US और UK को मिलकर इस जटिल स्थिति से बाहर निकलने का रास्ता ढूँढ़ना होगा।"
जॉनसन ने यह भी बताया कि भारत की रणनीतिक स्थिति, आर्थिक शक्ति और मध्य‑पूर्व में बढ़ता प्रभाव उसे इस प्रक्रिया में अनिवार्य बनाता है। भारत‑US संबंधों की गहराई और भारत‑UK के ऐतिहासिक बंधन को देखते हुए, तीन‑पक्षीय सहयोग को साकार करना संभव है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: 1970 के दशक से ईरान‑US तनाव ने कई बार हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई पर असर पड़ा। 2015 के जोर्डन समझौते के बाद भी, 2020‑2022 के बीच इरान‑US तनाव फिर से बढ़ा, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएँ फिर से उभरीं। भारत ने हमेशा से मध्य‑पूर्व में शांति निर्माण में भूमिका निभाई है, जैसे 2003‑2004 में इराक पुनर्निर्माण में योगदान।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यदि भारत, US और UK एकजुट होकर कूटनीतिक कदम उठाते हैं, तो हॉर्मुज जलडमरूमध्य का पुनः खुलना न केवल तेल बाजार को स्थिर करेगा बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा ढाँचे को भी मजबूत करेगा। यह सहयोग एशिया‑पैसिफिक और यूरोप के बीच आर्थिक कनेक्शन को भी सुदृढ़ करेगा।
"भारत की मध्य‑पूर्व में बढ़ती कूटनीतिक भूमिका इसे इस संकट के समाधान में अनिवार्य बनाती है," कहा अंतरराष्ट्रीय संबंध विशेषज्ञ डॉ. अनीता शर्मा।
Frequently Asked Questions
Q1: भारत को US‑Iran संकट में मध्यस्थ क्यों माना जा रहा है?
A: भारत का निरपेक्ष विदेश नीति, आर्थिक निर्भरता और मध्य‑पूर्व में स्थिरता की इच्छा इसे दोनों पक्षों के बीच भरोसेमंद मध्यस्थ बनाती है।
Q2: इस तीन‑पक्षीय सहयोग से हॉर्मुज जलडमरूमध्य को कैसे खोलने की उम्मीद है?
A: कूटनीतिक वार्ता, आर्थिक प्रोत्साहन और सुरक्षा सहयोग के माध्यम से सभी पक्षों को समझौते की ओर ले जाना लक्ष्य है।