कनाडा के रक्षा मंत्री एनीता कार्नी ने घोषणा की कि देश C$11 अरब खर्च करके छह नवीनतम आइसब्रेकर बनवाएगा। यह कदम आर्कटिक में कनाडा की संप्रभुता को मजबूत करने और नई शिपिंग लेन को सुरक्षित करने के लिए है।

  • कनाडा अगले दशक में 11 अरब डॉलर खर्च करेगा।
  • छह नए भारी बर्फ‑भेदक जहाज़ पुराने बेड़े को प्रतिस्थापित करेंगे।
  • परियोजना का उद्देश्य आर्कटिक संप्रभुता को सुरक्षित करना और वाणिज्यिक शिपिंग को समर्थन देना है।

ओटावा – मंगलवार को एक ऐतिहासिक घोषणा में, रक्षा मंत्री एनीता कार्नी ने पुष्टि की कि फेडरल सरकार छह अत्याधुनिक आइसब्रेकर बनाने के लिए C$11 अरब खर्च करेगी। ये जहाज़ 2028 से 2035 के बीच डिलीवर किए जाएंगे और घरेलू शिपyards द्वारा निर्मित होंगे।

वित्त पोषण रक्षा मंत्रालय और इन्फ्रास्ट्रक्चर विभाग के बीच विभाजित होगा, जिसमें कम‑उत्सर्जन प्रोपल्शन सिस्टम पर शोध के लिए भी धन आवंटित किया गया है। यह कार्यक्रम पुराने बेड़े को बदलता है, जिसमें 1990 के दशक से सेवा में रहे *लुईस एस. सेंट‑लॉरेंट* जैसे इतिहासिक जहाज़ शामिल हैं।

रणनीतिक रूप से, नए आइसब्रेकर आर्कटिक जलमार्गों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के मद्देनज़र कनाडा की उपस्थिति को मजबूत करेंगे। जलवायु‑परिवर्तन के कारण नई शिपिंग लेन खुल रही हैं, और ओटावा उम्मीद करता है कि ये जहाज़ वाणिज्यिक ट्रैफ़िक को सुरक्षित नेविगेशन प्रदान करेंगे और संप्रभु दावे को सुदृढ़ करेंगे।

निर्माण हैलिफ़ैक्स शिपयार्ड और वैंकूवर स्थित डैवी शिपबिल्डिंग में किया जाएगा, जिससे देश भर में लगभग 2,500 नौकरियां पैदा होंगी। सरकार ने कैनेडियन‑निर्मित स्टील और उन्नत नेविगेशन तकनीक को शामिल करने की भी प्रतिबद्धता जताई है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

कनाडा की बर्फ‑भेदक क्षमता का इतिहास 1960 के दशक तक जाता है, जब पहला उद्देश्य‑निर्मित जहाज़ वैज्ञानिक अनुसंधान और उत्तर की आपूर्ति मिशनों के लिए कमिशन किया गया था। दशकों में, बेड़ा वृद्ध हो गया, कई जहाज़ अपनी डिजाइन किए हुए सेवा जीवन से बाहर हो गए, जिससे आधुनिकीकरण की मांग बढ़ी।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि यह निवेश न केवल आर्कटिक व्यापार मार्गों को सुरक्षित करेगा बल्कि रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ उच्च अक्षांश क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा करने की कनाडा की मंशा को भी स्पष्ट करता है।

“नए आइसब्रेकर कनाडा की आर्कटिक रणनीति की रीढ़ बनेंगे, जो पर्यावरणीय सुरक्षा को राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ जोड़ते हैं,” डॉ. एमिली चेन, आर्कटिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट की वरिष्ठ फेलो ने कहा।
Did You Know?: रूस का सबसे बड़ा आइसब्रेकर *आर्कटिका‑III* 2.8 मीटर तक की बर्फ को तोड़ सकता है, जिसकी क्षमता कनाडा भी हासिल करने की योजना बना रहा है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: नए आइसब्रेकर किन-कौन से कार्य करेंगे?
उत्तर: ये नेविगेशन चैनलों को साफ करेंगे, वैज्ञानिक अभियानों को समर्थन देंगे और आर्कटिक में आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रदान करेंगे।

प्रश्न 2: पहला जहाज़ कब सेवा में आएगा?
उत्तर: प्रमुख जहाज़ 2028 में कमीशन होने की उम्मीद है, और शेष पाँच जहाज़ लगभग दो‑साल के अंतराल पर डिलीवर होंगे।