लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो (DRC) में इबोला का प्रकोप भयावह रूप ले चुका है, जहाँ अब तक 5,515 मामले सामने आए हैं। मृत्यु दर बढ़कर 48% हो गई है, जिससे यह देश के इतिहास का सबसे घातक प्रकोप बन गया है।
- डीआरसी में इबोला के कुल मामले 5,515 और मौतें 2,642 तक पहुंच गई हैं।
- इबोला की मृत्यु दर (Case Fatality Rate) बढ़कर लगभग 48% हो गई है।
- पोप लियो ने इस महामारी को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
- WHO ने 70,000 वैक्सीन खुराक देने का वादा किया है, जिसमें से 16,250 खुराक पहुंच चुकी हैं।
लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो (DRC) में इबोला का संकट एक अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गया है। नवीनतम सरकारी आंकड़ों के अनुसार, संक्रमितों की संख्या 5,515 तक पहुंच गई है, जबकि अब तक 2,642 लोगों की जान जा चुकी है। इतुरी और उत्तरी किवु प्रांतों में 51 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जो इस वायरस के तेजी से फैलने की पुष्टि करते हैं।
यह प्रकोप DRC के इतिहास में अब तक का सबसे घातक इबोला महामारी माना जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे 'अंतरराष्ट्रीय महत्व की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति' घोषित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वर्तमान प्रकोप 2014-2016 के पश्चिम अफ्रीका के महाविनाशकारी इबोला संकट को भी पीछे छोड़ सकता है, जिसमें 11,000 से अधिक लोग मारे गए थे।
क्यों यह संकट गंभीर है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस महामारी की गंभीरता का मुख्य कारण इसकी बढ़ती मृत्यु दर है। जून की शुरुआत में मृत्यु दर लगभग 20% थी, जो अब बढ़कर लगभग 48% हो गई है। इसका अर्थ यह है कि संक्रमित होने वाले हर दो में से लगभग एक व्यक्ति की मृत्यु हो रही है।
"यह अब केवल एक राष्ट्रीय या क्षेत्रीय मुद्दा नहीं रह गया है; यह एक वैश्विक मुद्दा है। यदि यह कम प्रतिरक्षा वाले पड़ोसी क्षेत्रों में फैलता है, तो यह एक बड़ी आपदा होगी।" - अब्दुल्सलामी नासिदी, सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाहकार।
इस वायरस का यह विशिष्ट स्ट्रेन 'बुंडिबग्यो' (Bundibugyo) के रूप में जाना जाता है, जो पिछले प्रकोपों की तुलना में अधिक दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण है। वर्तमान में इस स्ट्रेन के लिए कोई विशेष स्वीकृत उपचार उपलब्ध नहीं है, जिससे स्वास्थ्य कर्मियों के लिए जोखिम और बढ़ गया है। अब तक लगभग 160 स्वास्थ्य कर्मी संक्रमित हो चुके हैं और 45 की मृत्यु हो चुकी है।
वैक्सीन और वैश्विक प्रतिक्रिया
राहत की खबर यह है कि WHO ने 70,000 Ervebo वैक्सीन खुराक देने का संकल्प लिया है। हाल ही में 16,250 खुराकें DRC पहुंच चुकी हैं। हालांकि, सशस्त्र संघर्ष, विस्थापन और बुनियादी ढांचे की कमी जैसे कारकों ने नियंत्रण प्रयासों में बाधा डाली है।
Frequently Asked Questions
1. इबोला का बुंडिबग्यो स्ट्रेन क्या है?
यह इबोला का एक दुर्लभ प्रकार है जो पिछले सामान्य प्रकोपों से भिन्न है और वर्तमान में DRC में फैल रहा है।
2. क्या वर्तमान में कोई प्रभावी वैक्सीन है?
Ervebo वैक्सीन का उपयोग किया जा रहा है, जिसकी खुराकें DRC पहुंचना शुरू हो गई हैं, हालांकि यह इस विशिष्ट स्ट्रेन के लिए पूरी तरह प्रमाणित होने की प्रक्रिया में है।