अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने खुलासा किया है कि पीएम मोदी की ट्रंप के साथ मुलाकात के दौरान भारत मीडिया से सवाल न पूछने का अनुरोध कर रहा था, लेकिन ट्रंप ने अचानक पत्रकारों को आमंत्रित कर लिया। इस वजह से शांतिपूर्ण मुलाकात 45 मिनट के लंबे प्रेस कॉन्फ्रेंस में बदल गई।
- भारत ने G7 शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और ट्रंप की बैठक में सवाल-जवाब से बचने का अनुरोध किया था।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अनजाने में पत्रकारों को आमंत्रित कर दिया, जिससे 45 मिनट की मीडिया चर्चा शुरू हो गई।
- मुलाकात के दौरान भारत ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया।
हाल ही में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फ्रांस में हुई मुलाकात के दौरान भारत की एक विशेष मांग थी। भारत चाहता था कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत के दौरान मीडिया केवल बयान दे, लेकिन सवालों के दौर से बचा जाए। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप इस व्यवस्था को भूल गए और उन्होंने अचानक पत्रकारों को सवाल पूछने के लिए आमंत्रित कर लिया।
यह घटना जून 17 को फ्रांस के इवियन-लेस-बेंस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। सर्जियो गोर ने 'इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम' में बताया कि विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट रूप से कहा था कि मीडिया को लाया जाए, लेकिन कोई प्रश्न न पूछे जाएं। गोर ने खुद ट्रंप को सूचित किया था, लेकिन जैसे ही दोनों नेताओं ने अपने शुरुआती बयान दिए, ट्रंप ने कैमरों की ओर मुड़कर पूछा, "कोई सवाल?" और यहीं से 45 मिनट का अनियंत्रित मीडिया सत्र शुरू हो गया।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना कूटनीतिक प्रोटोकॉल और अनपेक्षित मीडिया इंटरैक्शन के बीच के तनाव को दर्शाती है। जब दो वैश्विक नेता मिलते हैं, तो भारत जैसे देश अक्सर नियंत्रित वातावरण पसंद करते हैं ताकि संवेदनशील मुद्दों पर बिना किसी दबाव के चर्चा की जा सके। ट्रंप का यह कदम कूटनीतिक रूप से भारत के लिए असहज करने वाला रहा होगा।
"ट्रंप की अप्रत्याशित शैली अक्सर कूटनीतिक योजना को पटरी से उतार देती है, जैसा कि इस मामले में देखा गया।"
इस बैठक के दौरान केवल मीडिया ही नहीं, बल्कि गंभीर वैश्विक मुद्दे भी चर्चा में थे। प्रधानमंत्री मोदी ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर ट्रंप के सामने चिंता व्यक्त की थी। यह मुद्दा तब उठा था जब अमेरिकी नौसेना के एक हमले में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई थी।
मुलाकात के दौरान ट्रंप ने भारत के साथ व्यापारिक संबंधों पर भी चर्चा की और संकेत दिया कि दोनों देश एक बड़े व्यापार समझौते के बहुत करीब हैं। उन्होंने भारत की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए यहाँ तक कह दिया कि यदि किसी ने भारत पर हमला किया, तो अमेरिका साथ खड़ा होगा।
Frequently Asked Questions
1. भारत ने मीडिया के लिए क्या अनुरोध किया था?
भारत ने अनुरोध किया था कि मीडिया को उपस्थित रहने दिया जाए, लेकिन उन्हें सवाल पूछने की अनुमति न दी जाए।
2. इस बैठक में मुख्य मुद्दा क्या था?
मुख्य मुद्दों में हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा और भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौता शामिल था।