ईरान के प्रवक्ता बघाई ने कहा कि देश ने इस संघर्ष को शुरू नहीं किया और वह अमेरिकी प्रतिबंधों के सामने नहीं झुकेगा। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेस्ट ने ईरान पर इतिहास में सबसे कड़ी आर्थिक हमले की घोषणा की, जिससे रियाल की कीमत गिर रही है।
- ईरान ने संघर्ष की शुरुआत न करने का दावा किया
- अमेरिका नई आर्थिक प्रतिबंधों की तैयारी में
- रियाल ने ऐतिहासिक न्यूनतम स्तर छू लिया
मुख्य समाचार
बघाई ने लाइव अपडेट में स्पष्ट किया कि "हम न तो इस युद्ध की शुरुआत किए और न ही उसका समर्थन किया"। उनका यह बयान अमेरिकी प्रतिबंधों के आधिकारिक घोषणा से कुछ घंटे पहले आया, जिससे ईरानी सरकार की स्थिति स्पष्ट हुई।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेस्ट ने कहा कि यह "इतिहास की सबसे बड़ी आर्थिक आक्रमण" है, जिससे ईरान की आर्थिक संरचना पर सीधा असर पड़ेगा। बेस्ट ने इस बात पर भी इशारा किया कि रियाल की कीमत पहले ही रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
अमेरिका और ईरान के बीच प्रतिबंधों का संघर्ष 1979 की इस्लामी क्रांति से शुरू हुआ, जब अमेरिकी दूतावास पर कब्जा किया गया। तब से कई राउंड में आर्थिक प्रतिबंध लगाए गए, जिनमें 2018 में फिर से एटॉमिक समझौते से बाहर निकलना शामिल है। इस बार का कदम बेस्ट के अनुसार "सबसे कठोर" माना जा रहा है।
आर्थिक प्रभाव
रियाल ने एक डॉलर के मुकाबले 70,000 इकाइयों की नई गिरावट दर्ज की, जो पिछले महीने के मुकाबले 15% अधिक गिरावट है। इस गिरावट से आयात की कीमतें बढ़ेंगी और ईरानी जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ेगा।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि अमेरिकी प्रतिबंध न केवल ईरान की अर्थव्यवस्था को दबाव में लाएंगे, बल्कि मध्य पूर्व में शक्ति संतुलन को भी बदल सकते हैं, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता पर असर पड़ेगा।
"ईरान की मौद्रिक नीति इस नई दबाव के सामने बहुत सीमित हो गई है," वित्तीय विशेषज्ञ डॉ. अली हादी ने कहा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या ये प्रतिबंध ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकेंगे?
उत्तर: विशेषज्ञ मानते हैं कि आर्थिक दबाव से कार्यक्रम पर कुछ हद तक असर पड़ेगा, पर पूरी तरह रोकना कठिन रहेगा।
प्रश्न 2: ईरान के नागरिकों पर तत्काल क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: मौद्रिक गिरावट से वस्तुओं की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे दैनिक जीवन में महंगाई का बोझ बढ़ेगा।