ताशकंद में आयोजित शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव और इल्हाम अलीयेव ने एक ऐतिहासिक 'शाश्वत मित्रता संधि' पर हस्ताक्षर किए। दोनों देश 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को $1 बिलियन तक ले जाने और मध्य एशियाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
- उज़्बेकिस्तान और अजरबैजान ने 'शाश्वत मित्रता संधि' (Treaty on Eternal Friendship) पर हस्ताक्षर किए।
- 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को $1 बिलियन तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।
- दोनों देश 2027 में FIFA U-20 विश्व कप की संयुक्त मेजबानी करेंगे।
- मध्य गलियारे (Middle Corridor) और कैस्पियन सागर में संयुक्त बेड़े के निर्माण पर जोर।
ताशकंद में आयोजित एक उच्च स्तरीय शिखर सम्मेलन के दौरान, उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव और अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाते हुए 'शाश्वत मित्रता संधि' पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता न केवल दोनों देशों के बीच राजनीतिक एकजुटता को दर्शाता है, बल्कि आर्थिक, ऊर्जा और परिवहन क्षेत्रों में एक नए युग की शुरुआत का संकेत भी देता है।
इस शिखर सम्मेलन के दौरान, दोनों नेताओं ने 'सुप्रीम इंटरस्टेट काउंसिल' की तीसरी बैठक की अध्यक्षता की। यह निकाय 2023 में स्थापित किया गया था ताकि दीर्घकालिक सहयोग का समन्वय किया जा सके। व्यापार के मोर्चे पर, अजरबैजान के राष्ट्रपति अलीयेव ने बताया कि 2025 में व्यापार $795 मिलियन तक पहुँच गया था, और अब लक्ष्य 2030 तक इसे $1 बिलियन के पार ले जाना है।
व्यापार और निवेश का विस्तार
दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग केवल व्यापार तक सीमित नहीं है। 2023 में स्थापित अजरबैजान-उज़्बेकिस्तान निवेश कंपनी, जिसके पास $500 मिलियन की पूंजी है, विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं को वित्तपोषित कर रही है। इनमें बैंकिंग, निर्माण, शिक्षा, खनन और कृषि क्षेत्र शामिल हैं। अजरबैजान की राज्य के स्वामित्व वाली बैंक ABB अब उज़्बेकिस्तान के 'दावर बैंक' (Davr Bank) में 51% हिस्सेदारी खरीदने की बातचीत कर रही है, जो उज़्बेक बैंकिंग बाजार में अजरबैजान की सीधी उपस्थिति सुनिश्चित करेगा।
उज़्बेकिस्तान और अजरबैजान का यह गठबंधन मध्य एशिया और दक्षिण काकेशस के बीच एक अटूट आर्थिक पुल का निर्माण कर रहा है।
क्यों यह महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह रणनीतिक साझेदारी केवल दो देशों के बीच नहीं है, बल्कि यह पूरे मध्य एशियाई भू-राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकती है। मिडल कॉरिडोर (Middle Corridor) को मजबूत करने का निर्णय यूरोप और एशिया के बीच व्यापारिक मार्ग को अधिक कुशल और सुरक्षित बनाएगा। कैस्पियन सागर में एक संयुक्त बेड़े के निर्माण की योजना समुद्री कनेक्टिविटी को एक नया आयाम देगी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
उज़्बेकिस्तान और अजरबैजान के बीच संबंधों में पिछले कुछ वर्षों में तेजी आई है। 2024 में 'मित्रता संधि' (Treaty on Allied Relations) पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसने वर्तमान 'शाश्वत मित्रता संधि' के लिए आधार तैयार किया। दोनों देश अब ऊर्जा, परिवहन और खेल के क्षेत्र में एक-दूसरे के सबसे भरोसेमंद साझेदार बन गए हैं।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: दोनों देशों के बीच व्यापार का लक्ष्य क्या है?
उत्तर: दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को $1 बिलियन तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
प्रश्न 2: 'मिडल कॉरिडोर' क्या है?
उत्तर: यह एक महत्वपूर्ण परिवहन मार्ग है जो मध्य एशिया को दक्षिण काकेशस और यूरोप से जोड़ता है।