हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में स्नातक स्तर के कोर्सेज के लिए आवेदन करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में 15% की कमी आई है। सख्त वीजा नियमों और बढ़ती फीस ने छात्रों के बीच अनिश्चितता पैदा कर दी है।
- भारतीय छात्रों के स्नातक आवेदनों में 15% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
- Common App की रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय आवेदकों में 10% की कमी आई है, जो रिकॉर्ड स्तर पर है।
- सख्त वीजा नियम और संभावित $100,000 की OPT फीस छात्रों के लिए बड़ी बाधा बन सकती है।
अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का सपना देख रहे भारतीय छात्रों के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। Common App द्वारा जारी एक नवीनतम रिपोर्ट, जिसमें 1,100 से अधिक संस्थान शामिल हैं, यह दर्शाती है कि 2025-26 के शैक्षणिक वर्ष के दौरान स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में 15% की गिरावट आई है।
यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्रों की कुल संख्या में भी कमी देखी जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 1 तक अंतरराष्ट्रीय आवेदकों की संख्या में 10% की कमी आई है, जो अब तक की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। भारत वर्तमान में अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्रों का सबसे बड़ा स्रोत है, जहाँ 2024-25 में 3.63 लाख से अधिक छात्र नामांकित थे।
क्यों यह महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह गिरावट केवल एक सांख्यिकीय बदलाव नहीं है, बल्कि अमेरिकी आव्रजन नीति में बदलाव का सीधा परिणाम है। सख्त वीजा नियम और अनिश्चित नीतियां वैश्विक स्तर पर छात्रों के बीच अमेरिका के प्रति आकर्षण को कम कर रही हैं।
बदलती आव्रजन नीतियां और संभावित अत्यधिक शुल्क अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए अमेरिका को एक अनिश्चित गंतव्य बना रहे हैं।
हाल ही में अमेरिकी सरकार ने 'ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' को समाप्त करने और छात्र वीजा के प्रवास को केवल 4 साल तक सीमित करने के नए नियम घोषित किए हैं। इसके अलावा, OPT (Optional Practical Training) कार्यक्रम का उपयोग करने वाले विदेशी छात्रों पर $100,000 का भारी शुल्क लगाने पर भी विचार किया जा रहा है। यह शुल्क उन छात्रों के लिए एक बड़ा झटका होगा जो पढ़ाई के बाद अमेरिका में काम करने और H-1B वीजा में परिवर्तन करने की योजना बनाते हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
दशकों से, भारत और अमेरिका के बीच शैक्षिक आदान-प्रदान एक मजबूत स्तंभ रहा है। भारतीय छात्र विशेष रूप से प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में अमेरिका के आर्थिक और तकनीकी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में वीजा प्रक्रियाओं की जटिलता और नीतिगत बदलावों ने इस प्रवाह को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
तुलनात्मक प्रभाव
| विवरण | 2024-25 अनुमान | 2025-26/26-27 रुझान |
|---|---|---|
| भारतीय छात्र आवेदन | उच्च स्तर | 15% की गिरावट |
| कुल अंतरराष्ट्रीय योगदान | $41.77 बिलियन | $38.37 बिलियन (अनुमानित) |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: भारतीय छात्रों के आवेदनों में कमी का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: मुख्य कारणों में सख्त वीजा नियम, प्रवास अवधि पर सीमा और संभावित रूप से उच्च OPT शुल्क शामिल हैं।
प्रश्न 2: OPT कार्यक्रम क्या है?
उत्तर: OPT छात्रों को स्नातक होने के बाद अमेरिका में 12 से 24 महीने तक काम करने की अनुमति देता है, जो H-1B वीजा में संक्रमण का मार्ग प्रशस्त करता है।