राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बीजिंग में चीनी उपराष्ट्रपति हान झेंग के साथ महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें सीमा शांति और द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने पर चर्चा हुई। यह वार्ता आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- NSA अजीत डोभाल और चीनी उपराष्ट्रपति हान झेंग के बीच बीजिंग में उच्च स्तरीय बैठक हुई।
- चीन ने भारत से संबंधों को 'रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण' से देखने का आग्रह किया।
- दोनों पक्षों ने सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने पर सहमति जताई।
- यह बैठक राष्ट्रपति शी जिनपिंग की संभावित भारत यात्रा से पहले हुई है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने मंगलवार को बीजिंग में चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस उच्च-स्तरीय वार्ता के दौरान, चीन ने भारत से अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक 'रणनीतिक और दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य' से देखने और मतभेदों को उचित रूप से प्रबंधित करने का आह्वान किया।
वहीं दूसरी ओर, भारतीय विदेश मंत्रालय और दूतावास के अनुसार, डोभाल और हान झेंग ने विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के तरीकों पर चर्चा की। भारत ने स्पष्ट किया कि द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के लिए सीमा पर शांति एक अनिवार्य शर्त है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह बैठक केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं है, बल्कि यह आगामी 12-13 सितंबर को होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन के लिए आधार तैयार कर रही है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा की संभावनाओं के बीच, डोभाल की यह सक्रिय कूटनीति दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सीमा पर शांति ही भारत-चीन संबंधों के सामान्य होने की पहली और सबसे महत्वपूर्ण शर्त है।
चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने बैठक के बाद कहा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री मोदी के बीच कजाकिस्तान और तियानजिन में हुई मुलाकातों से संबंधों को सुधारने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। चीन का लक्ष्य अब दोनों देशों के बीच रणनीतिक विश्वास को बढ़ाना और आर्थिक व बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को विस्तार देना है।
ऐतिहासिक रूप से, भारत और चीन के संबंध सीमा विवादों के कारण कठिन दौर से गुजरे हैं। हालांकि, हाल के वर्षों में दोनों देशों ने बातचीत के माध्यम से तनाव कम करने का प्रयास किया है। डोभाल ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ भी बातचीत की, जो सीमा विवाद पर दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधि हैं।
Frequently Asked Questions
1. अजीत डोभाल की बीजिंग यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
मुख्य उद्देश्य सीमा पर शांति सुनिश्चित करना और आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले द्विपक्षीय संबंधों को पटरी पर लाना था।
2. चीन ने भारत को क्या सुझाव दिया?
चीन ने सुझाव दिया कि भारत को चीन के साथ संबंधों को दीर्घकालिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से देखना चाहिए।