रूस में यूक्रेन युद्ध के बीच नए सिरे से सैन्य भर्ती की खबरें आ रही हैं, जिसमें लोगों को डराने-धमकाने और जबरन वाहन में भरने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।

  • रूस में सैन्य भर्ती के लिए डराने-धमकाने और जबरन भर्ती करने की खबरें सामने आ रही हैं।
  • पेन्ज़ा जैसे शहरों में सादे कपड़ों में संदिग्ध लोगों द्वारा पुरुषों को पकड़ने के वीडियो वायरल हो रहे हैं।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि रूस सर्दियों के हमले की तैयारी के लिए सैनिकों की कमी को पूरा करने की कोशिश कर रहा है।

यूक्रेन के साथ चल रहे लंबे संघर्ष के बीच, रूस में एक बार फिर सैन्य भर्ती (Mobilisation) को लेकर गहरा डर व्याप्त हो गया है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, भर्ती अधिकारी अब अधिक आक्रामक तरीके अपना रहे हैं। पेन्ज़ा और ओरेनबर्ग जैसे क्षेत्रों से ऐसी खबरें आ रही हैं जहाँ पुरुषों को डराकर या उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाकर सैन्य अनुबंध (Military Contract) पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

जबरन भर्ती के भयावह तरीके

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि सादे कपड़ों में कुछ लोग संदिग्ध तरीके से लड़ने योग्य उम्र के पुरुषों को जबरन वाहनों में डाल रहे हैं। कई मामलों में, पुलिस स्टेशनों में बुलाकर लोगों को पीटा जा रहा है या उन पर नशीले पदार्थ रखने की धमकी दी जा रही है ताकि वे जेल जाने के डर से सेना में शामिल हो जाएं। मिखाइल लिबेरोव, जो 'कॉन्शियस ऑब्जेक्टर्स मूवमेंट' से जुड़े हैं, का कहना है कि भर्तीकर्ता विशेष रूप से उन लोगों को निशाना बना रहे हैं जो सामाजिक या आर्थिक रूप से कमजोर हैं, जैसे कि कर्ज में डूबे लोग, नशेड़ी या वे प्रवासी जिन्हें भाषा की समस्या है।

भर्तीकर्ता उन लोगों को चुनते हैं जो धोखे, ब्लैकमेल या अज्ञानता के कारण शिकार बनने के लिए सबसे अधिक संवेदनशील होते हैं।

बोजोकमीडिया विश्लेषण (BozokMedia analysis shows...)

बोजोकमीडिया के विश्लेषण से पता चलता है कि रूस में स्वयंसेवी भर्ती में भारी गिरावट आई है। 2025 के अंत तक, स्वेच्छा से अनुबंध करने वालों की संख्या आधी रह गई है। इसका मुख्य कारण युद्ध की लंबी अवधि, बढ़ते जनहानि के आंकड़े और रूसी अर्थव्यवस्था का गिरता स्तर है। सरकार अब उन लोगों पर ध्यान केंद्रित कर रही है जो जोखिम उठाने को तैयार हैं, लेकिन भर्ती के लिए अपनाए जा रहे अनैतिक तरीके समाज में भारी असंतोष पैदा कर रहे हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

सितंबर 2022 में, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आंशिक लामबंदी (Partial Mobilisation) की घोषणा की थी। उस समय हजारों पुरुष पड़ोसी देशों में भाग गए थे। हालांकि वह अभियान दो महीने बाद समाप्त हो गया था, लेकिन अब सर्दियों के संभावित बड़े हमले की तैयारियों के कारण एक बार फिर भर्ती की मांग बढ़ गई है।

तुलनात्मक स्थिति

विशेषता2022 लामबंदीवर्तमान स्थिति (2025-26)
भर्ती का तरीकाआंशिक आधिकारिक आदेशअनौपचारिक और कथित तौर पर आक्रामक
स्वयंसेवकों की संख्याउच्च (प्रोत्साहन के कारण)अत्यधिक कम (आर्थिक गिरावट के कारण)
मुख्य लक्ष्यसैन्य शक्ति बढ़ानासर्दियों के हमले के लिए कोटा पूरा करना
Did You Know?: युद्ध के कारण रूस में कई युवा अपने जीवन की सुरक्षा के लिए कजाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों में पलायन कर चुके हैं।

Frequently Asked Questions

1. क्या रूस में अभी आधिकारिक तौर पर नई लामबंदी घोषित की गई है?
अभी तक कोई आधिकारिक सरकारी आदेश नहीं आया है, लेकिन जमीनी स्तर पर भर्ती के आक्रामक तरीके देखे जा रहे हैं।

2. भर्ती के लिए किन लोगों को निशाना बनाया जा रहा है?
रिपोर्टों के अनुसार, आर्थिक रूप से कमजोर, प्रवासी और मानसिक रूप से अस्थिर लोगों को मुख्य रूप से निशाना बनाया जा रहा है।