ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरघची और ओमान के विदेश मंत्री बदर अल‑बुसैदी ने हम्रुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए एक अस्थायी नेविगेशन कॉरिडोर बनाने पर समझौता किया। दोनों पक्ष खनन साफ़ करने और दीर्घकालिक शिपिंग लेन स्थापित करने की तकनीकी बातचीत जारी रखेंगे।
- संयुक्त अस्थायी नेविगेशन कॉरिडोर की पहल
- जलडमरूमध्य से माइन हटाने के द्विपक्षीय प्रयास
- स्थायी शिपिंग लेन के लिए तकनीकी वार्ताओं का जारी रहना
बैठक का विवरण
25 अगस्त, 2026 को तेहरान में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरघची और ओमान के विदेश मंत्री बदर अल‑बुसैदी ने मुलाकात की। दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान जारी किया जिसमें स्ट्रेट ऑफ़ हम्रुज के ट्रैफ़िक को व्यवस्थित करने के लिए एक अस्थायी नेविगेशन कॉरिडोर की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।
स्तरवार समझौता
बयान में कहा गया कि ओमान और ईरान दोनों मिलकर जलडमरूमध्य में स्थित माइन को साफ़ करने के लिए सहयोग करेंगे। साथ ही, वे एक स्थायी शिपिंग कॉरिडोर स्थापित करने और भविष्य में इस जलडमरूमध्य के प्रशासन के लिए एक स्पष्ट समझौता करने की दिशा में तकनीकी वार्ताओं को आगे बढ़ाएंगे।
भौगोलिक और आर्थिक महत्व
हम्रुज जलडमरूमध्य विश्व के लगभग पाँचवें हिस्से तेल का पारगमन स्थल है। 2022 में, इस जलडमरूमध्य से होकर लगभग 20% वैश्विक तेल का लेन-देन हुआ था। इस क्षेत्र की अस्थिरता वैश्विक ऊर्जा कीमतों और विश्व अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डालती है।
क्षेत्रीय तनाव और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया
फरवरी 2024 में अमेरिकी और इज़रायल के हमले के बाद इस जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर सवाल उठे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ओमान को संभावित खतरे के रूप में इंगित करते हुए कहा कि यदि ओमान स्ट्रेट को पुनः खोलने में बाधा डालता है तो वह उस पर बमबारी कर सकते हैं। इस प्रकार की बयानबाजी क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा सकती है।
क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia analysis shows that a stabilized Hormuz corridor could reduce global oil price volatility by up to 15% and restore confidence among international shipping firms. The joint effort signals a rare diplomatic bridge between a Gulf Arab state and Iran, potentially reshaping West Asian maritime security architecture.
"यदि दोनों पक्ष माइन हटाने में सफल होते हैं, तो यह न केवल व्यापार को बचाएगा बल्कि क्षेत्रीय तनाव को भी कम करेगा," समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. रवींद्र सिंह ने कहा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: क्या यह अस्थायी नेविगेशन कॉरिडोर तुरंत लागू होगा?
उत्तर: प्रारंभिक परीक्षण चरणों के बाद, दोनों देश इसे कई हफ्तों के भीतर सक्रिय करने की योजना बना रहे हैं, लेकिन पूर्ण कार्यान्वयन के लिए अंतर्राष्ट्रीय निगरानी की आवश्यकता होगी।
प्रश्न 2: इस समझौते से अमेरिकी हितों पर क्या असर पड़ेगा?
उत्तर: यदि कॉरिडोर सुरक्षित रहता है तो अमेरिकी तेल आयात की लागत घट सकती है, परन्तु अमेरिकी राजनयिक चेतावनी अभी भी इस क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक नीति को दर्शाती है।