ईरान और ओमान ने स्ट्रेट ऑफ हमाराज के माध्यम से तेल व एलएनजी के आवागमन को नियंत्रित करने हेतु अस्थायी क़ोरिडोर बनाने की बातों को फिर से उठाया है। अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण मौजूदा अटकलबाज़ी में बदलाव नहीं आया, जबकि ट्रम्प ने कहा कि सभी माइनों को साफ़ किया जा चुका है।

  • ईरान‑ओमान अस्थायी हमाराज क़ोरिडोर पर फिर से बातचीत कर रहे हैं
  • संयुक्त राज्य के प्रतिबंधों के कारण समाधान में देरी
  • डोनाल्ड ट्रम्प ने सभी माइनों को हटाने की पुष्टि की

ईरान और ओमान ने स्ट्रेट ऑफ हमाराज के ट्रैफ़िक को नियंत्रित करने हेतु अस्थायी क़ोरिडोर की संभावना पर कई हफ्तों से बातचीत की है। इस जलमार्ग से विश्व के लगभग पच्चीस प्रतिशत तेल और बड़ी हिस्सेदारी में तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) गुजरती है, जिससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ता है।

फरवरी में शुरू हुए युद्ध के बाद से हमाराज का उपयोग घट गया था, लेकिन दोनों देशों ने इस आखिरी रणनीतिक रास्ते को फिर से खोलने के लिए एक समझौते की खोज में कदम रखा है। ओमान, जो ऐतिहासिक रूप से इस जलडमरूमध्य के मध्यस्थ रहा है, अब ईरान के साथ सहयोग करने के लिए तैयार दिख रहा है, जबकि अमेरिका का दबाव अभी भी बना हुआ है।

संयुक्त राज्य ने अक्टूबर 2023 में ईरान पर प्रतिबंध लगाए और हमाराज में नौसैनिक संचालन को बढ़ाया, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ा। अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण इस क़ोरिडोर की स्वीकृति में अटकलबाज़ी बनी हुई है, और वार्ताओं में प्रगति नहीं हुई है।

इसी बीच, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सार्वजनिक रूप से कहा कि स्ट्रेट ऑफ हमाराज में सभी माइनें पहले ही साफ़ कर दी गई हैं। यह बयान उनके पूर्व में दोहराए गए टिप्पणियों के साथ मेल खाता है, लेकिन इस बात को साबित करने के लिए कोई स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध नहीं है।

ऐतिहासिक रूप से, हमाराज ने कई अंतरराष्ट्रीय संकटों में मध्यस्थ भूमिका निभाई है। 1970 के दशक में इज़राइल‑अरब युद्ध के दौरान, और 1990 के दशक में इराक‑इरान युद्ध में, इस जलडमरूमध्य ने वैश्विक शिपिंग को प्रभावित किया था। आज फिर से इसका महत्व ऊर्जा कीमतों और वैश्विक बाजारों के लिए अत्यधिक है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that a functioning temporary corridor could stabilize global oil prices, reduce shipping insurance premiums, and ease geopolitical tensions in the Persian Gulf, while a continued US‑Iran impasse risks further market volatility.

"यदि ईरान‑ओमान का समझौता सफल हो जाता है, तो यह मध्य पूर्व में ऊर्जा प्रवाह को पुनः सक्रिय कर सकता है," कहा गया है अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा विशेषज्ञ डॉ. रेश्मा क़रीब।
Did You Know?: 1973 में तेल संकट के दौरान, हमाराज बंद होने से विश्व तेल कीमतें तीन गुना तक बढ़ गई थीं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: अस्थायी क़ोरिडोर कब लागू हो सकता है?
उत्तर: वार्ताओं की प्रगति और अमेरिकी प्रतिबंधों में बदलाव के आधार पर, सबसे जल्दी अगले छह महीनों में संभावित हो सकता है।

प्रश्न 2: इस क़ोरिडोर का वैश्विक तेल बाजार पर क्या असर पड़ेगा?
उत्तर: यह तेल की आपूर्ति में स्थिरता लाएगा, जिससे कीमतों में गिरावट और शिपिंग लागत में कमी की उम्मीद है।