अमेरिकी दूत जेरेड कुशनर की बातचीत के कुछ ही घंटों बाद इजरायल ने गाजा में अपने हमलों को तेज कर दिया है। वेस्ट बैंक में अवैध बस्तियों के विस्तार के साथ-साथ गाजा में मानवीय संकट गहराता जा रहा है।
- अमेरिकी दूत जेरेड कुशनर की वार्ता के तुरंत बाद इजरायली हमलों में तेजी आई।
- इजरायल ने गाजा से आने वाले पतंगों और ड्रोनों को 'युद्ध का कृत्य' घोषित किया।
- वेस्ट बैंक में 'E1' बस्ती परियोजना के विस्तार से दो-राज्य समाधान पर खतरा मंडरा रहा है।
- गाजा में अब तक मरने वालों की कुल संख्या 73,422 से अधिक हो गई है।
संयुक्त राज्य अमेरिका के विशेष दूत जेरेड कुशनर द्वारा इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ गाजा संघर्ष को टालने के उद्देश्य से की गई बातचीत के समाप्त होते ही, गाजा पट्टी में इजरायली सैन्य अभियानों में अचानक तीव्रता आ गई है। कुशनर की बैठक के कुछ ही घंटों के भीतर, गाजा के रिहायशी इलाकों में भीषण बमबारी शुरू हो गई, जिससे क्षेत्र में शांति की उम्मीदें धूमिल हो गई हैं।
हथियार डालने की प्रक्रिया में सैन्य हमले
कुशनर की अगस्त 17 की वार्ता ने निशस्त्रीकरण और मानवीय मुद्दों पर दो कार्य समूह तो बनाए, लेकिन इसने इजरायल की गाजा से हटने की अनिच्छा को भी उजागर कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार, इजरायल ने उन अधिकारियों को निशाना बनाया जो संभवतः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना के तहत हथियारों के हस्तांतरण की तैयारी कर रहे थे। गाजा सिटी के एक पुलिस मुख्यालय पर हुए हमले में कई लोग मारे गए, जिनमें महिला पुलिस विभाग की प्रमुख भी शामिल थीं।
क्यों यह महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इजरायल द्वारा 'तत्काल खतरे' की व्याख्या का अत्यधिक विस्तार करना कूटनीतिक प्रयासों को विफल कर रहा है। जब शांति वार्ता के लिए नियुक्त दूत वापस लौटते हैं और तुरंत संघर्ष बढ़ता है, तो यह वैश्विक मध्यस्थता की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
इजरायल द्वारा 'तत्काल खतरे' की परिभाषा का विस्तार करना कूटनीतिक समाधानों के लिए सबसे बड़ी बाधा बन गया है।
हैरान करने वाली बात यह है कि इजरायल ने गाजा से आने वाली पतंगों, गुब्बारों और ड्रोनों को भी 'युद्ध का कृत्य' घोषित कर दिया है। रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ के इस आदेश ने नागरिक आबादी के लिए जोखिम को और बढ़ा दिया है, जिससे छोटे से छोटे उपकरण के लिए भी घातक जवाबी कार्रवाई का खतरा पैदा हो गया है।
वेस्ट बैंक में विस्तार और वैश्विक प्रतिक्रिया
गाजा के साथ-साथ, इजरायल ने विवादित वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम में अपनी अवैध बस्तियों के विस्तार को भी तेज कर दिया है। 'E1' परियोजना के तहत नई बस्तियों के निर्माण का प्रस्ताव दिया गया है, जो फिलिस्तीनी राज्य की संभावनाओं को पूरी तरह समाप्त कर सकता है।
| क्षेत्र | वर्तमान स्थिति | इजरायली कार्रवाई |
|---|---|---|
| गाजा पट्टी | मानवीय संकट और तीव्र बमबारी | निशस्त्रीकरण की मांग के बीच हमले |
| वेस्ट बैंक | बस्तियों का विस्तार | E1 परियोजना और नई भूमि निविदाएं |
यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों ने इन बस्तियों को 'अस्वीकार्य' बताते हुए कड़ी निंदा की है। हालांकि, अमेरिका का रुख अभी भी अस्पष्ट है, जहाँ एक ओर राजदूत माइक हकेबी ने कुछ कट्टरपंथी बसने वालों को 'आतंकवादी' कहा है, वहीं विदेश विभाग ने इस विशिष्ट परियोजना पर चुप्पी साध रखी है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: कुशनर की योजना का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: कुशनर की योजना का उद्देश्य निशस्त्रीकरण और मानवीय सहायता के माध्यम से गाजा में संघर्ष विराम स्थापित करना था।
प्रश्न 2: 'E1' परियोजना क्या है?
उत्तर: यह वेस्ट बैंक में एक बड़ी बस्ती परियोजना है जो पूर्वी यरुशलम को वेस्ट बैंक से अलग कर सकती है।