इजरायली सुरक्षा बलों ने पूर्वी यरूशलेम के काफ़र अकाब में UNRWA के महत्वपूर्ण कलानदिया प्रशिक्षण केंद्र पर छापा मारकर उसे अपने नियंत्रण में ले लिया है। इस कार्रवाई की UNRWA ने कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।
- इजरायली बलों ने पूर्वी यरूशलेम में UNRWA के कलानदिया प्रशिक्षण केंद्र पर छापा मारा और उसे अपने कब्जे में ले लिया।
- इजरायली सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने इस ऑपरेशन का समर्थन किया और कहा कि यरूशलेम में UNRWA के लिए कोई जगह नहीं है।
- UNRWA ने इस घुसपैठ की कड़ी निंदा करते हुए इसे संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है।
- इस केंद्र से लगभग 16,000 फिलिस्तीनी शरणार्थियों को महत्वपूर्ण सेवाएं प्राप्त होती थीं।
इजरायली सुरक्षा बलों ने मंगलवार को कब्जे वाले पूर्वी यरूशलेम के काफ़र अकाब पड़ोस में स्थित संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी एजेंसी (UNRWA) के प्रमुख कलानदिया प्रशिक्षण केंद्र (KTC) पर छापा मारा। इस सैन्य कार्रवाई के दौरान, बलों ने पास के कलानदिया चेकपॉइंट को भी बंद कर दिया, जो पूर्वी यरूशलेम और उत्तरी वेस्ट बैंक के बीच मुख्य संपर्क मार्ग है।
इस छापेमारी के दौरान भारी सैन्य तैनाती देखी गई, जिसमें सैनिकों ने UNRWA के सभी कर्मचारियों को परिसर से जबरन बाहर निकाल दिया और उन्हें वापस न आने की चेतावनी दी। इजरायली राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने स्वयं इस ऑपरेशन में भाग लिया। उन्होंने इस कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए कहा, "यरूशलेम और इजरायल में इस एजेंसी के लिए कोई जगह नहीं है" और सोशल मीडिया पर दावा किया कि "UNRWA अब हमारे नियंत्रण में है।"
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम केवल एक संपत्ति का कब्जा नहीं है, बल्कि फिलिस्तीनी शरणार्थियों को मिलने वाली सहायता प्रणाली को कमजोर करने का एक व्यापक रणनीतिक प्रयास है। इजरायल का तर्क है कि यह भूमि ऐतिहासिक रूप से उनके अधिकार में है, जबकि UNRWA इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत संरक्षित एक अभेद्य क्षेत्र मानता है।
UNRWA के वेस्ट बैंक निदेशक रोलैंड फ्रेडरिक ने कहा, "यह न केवल संयुक्त राष्ट्र के विशेषाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि युवा फिलिस्तीनियों के शिक्षा के अधिकार पर भी सीधा हमला है।"
इजरायली विदेश मंत्रालय ने घोषणा की है कि यरूशलेम नगर पालिका इस संपत्ति को एक नए शैक्षिक और सामुदायिक परिसर में बदलने के लिए काम शुरू कर चुकी है। इसमें स्कूल, मस्जिद, खेल के मैदान और स्वास्थ्य केंद्र शामिल होने की योजना है। हालांकि, इजरायली अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि UNRWA ने दशकों तक बिना किसी कानूनी स्वामित्व के इस जमीन पर कब्जा कर रखा था।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
यह घटना इजरायल और UNRWA के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव का हिस्सा है। अक्टूबर 2024 में, इजरायली कनेसेट ने UNRWA की गतिविधियों को प्रतिबंधित करने वाला कानून पारित किया था। यह हमला शेख जराह में UNRWA मुख्यालय पर हुई पिछली सैन्य कार्रवाई के समान है, जहाँ इमारतों को ध्वस्त कर दिया गया था।
| पक्ष | दावा/तर्क |
|---|---|
| UNRWA | यह एक संयुक्त राष्ट्र सुविधा है जो अंतरराष्ट्रीय कानून और विशेषाधिकारों के तहत संरक्षित है। |
| इजरायल | भूमि का स्वामित्व ऐतिहासिक रूप से यहूदी राष्ट्रीय कोष के पास है और UNRWA का यहाँ कोई कानूनी अधिकार नहीं है। |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: इस छापे का फिलिस्तीनी समुदाय पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: इससे लगभग 16,000 शरणार्थियों की शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण सेवाओं में भारी बाधा आएगी।
प्रश्न 2: क्या यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है?
उत्तर: मानवाधिकार विशेषज्ञों और UNRWA के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र परिसर में बिना अनुमति प्रवेश अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन है।