इजरायली बलों ने पूर्वी यरुशलम में UNRWA के कलंदिया प्रशिक्षण केंद्र पर छापा मारा, जिसे विश्लेषकों ने वेस्ट बैंक के विलय की दिशा में एक रणनीतिक कदम बताया है। यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी सुरक्षा को खत्म करने की कोशिश मानी जा रही है।

  • इजरायली बलों ने पूर्वी यरुशलम में UNRWA के कलंदिया प्रशिक्षण केंद्र पर छापा मारा।
  • विशेषज्ञों के अनुसार, यह हमला वेस्ट बैंक के विलय और 'ग्रेटर यरुशलम' परियोजना का हिस्सा है।
  • यह कार्रवाई 1967 के उन समझौतों का उल्लंघन है जो UNRWA की सुरक्षा सुनिश्चित करते थे।
  • बदली हुई स्थिति से फिलिस्तीनी क्षेत्रों के बीच भौगोलिक निरंतरता खत्म होने का खतरा है।

इजरायली सुरक्षा बलों ने पूर्वी यरुशलम के कब्जे वाले क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNRWA) के कलंदिया प्रशिक्षण केंद्र पर धावा बोल दिया है। इस छापेमारी को अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी सुरक्षा को ध्वस्त करने और वेस्ट बैंक पर नियंत्रण मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

मंगलवार को हुई इस कार्रवाई का नेतृत्व दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने किया। इजरायली अधिकारियों ने इस कदम को अक्टूबर 2024 के उस कानून का हवाला देते हुए सही ठहराया जिसके तहत UNRWA पर प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि, कतर जैसे देशों ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए चेतावनी दी है कि यह लाखों फिलिस्तीनियों को आवश्यक सेवाओं से वंचित करने का एक व्यवस्थित प्रयास है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह घटना?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक सैन्य छापा नहीं है, बल्कि एक गहरी भू-राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। इजरायली मामलों के विशेषज्ञ अदल शिदिद के अनुसार, कलंदिया प्रशिक्षण केंद्र ऐतिहासिक कलंदिया हवाई अड्डे के ठीक बगल में स्थित है। इस क्षेत्र पर नियंत्रण करके इजरायल 9,000 से अधिक नए सेटलमेंट यूनिट्स और एक यहूदी विरासत केंद्र स्थापित करना चाहता है।

इस विस्तार का अंतिम लक्ष्य भविष्य के फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना को रोकना और इस भूमि पर किसी भी स्वतंत्र फिलिस्तीनी उपस्थिति को पूरी तरह मिटाना है।

यह 'ग्रेटर यरुशलम' परियोजना वेस्ट बैंक के कुल क्षेत्रफल का लगभग 12 से 13 प्रतिशत हिस्सा छीन सकती है। इससे 800 वर्ग किमी से अधिक क्षेत्र पर नियंत्रण हो जाएगा, जो फिलिस्तीनी शहरों के बीच के संपर्क को पूरी तरह से तोड़ देगा।

शरणार्थी अधिकारों और अंतरराष्ट्रीय कानून पर प्रहार

UNRWA के मीडिया सलाहकार अदनान अबू हसना ने इस कार्रवाई को अभूतपूर्व और खतरनाक बताया है। उन्होंने कहा कि UNRWA को इस कार्रवाई के बारे में पहले से कोई सूचना नहीं दी गई थी। यह 14 जून, 1967 को हस्ताक्षरित उस द्विपक्षीय समझौते का सीधा उल्लंघन है जो UNRWA के मुख्यालयों और कर्मचारियों को सुरक्षा और उन्मुक्ति प्रदान करता है।

एजेंसी वर्तमान में न केवल सैन्य हमलों का सामना कर रही है, बल्कि एक गंभीर वित्तीय संकट से भी जूझ रही है। विशेष रूप से अमेरिका द्वारा फंडिंग में की गई कटौती ने इसकी स्थिति को और नाजुक बना दिया है।

बढ़ता हुआ सैन्य-सेटलमेंट गठजोड़

ग्राउंड रिपोर्टों से पता चलता है कि इजरायली सेना और सशस्त्र बसने वालों (settlers) के बीच सहयोग गहरा होता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये बसने वाले अब एक संगठित सैन्य इकाई की तरह काम कर रहे हैं, जिन्हें अक्सर इजरायली सेना के हथियारों और प्रशिक्षण का समर्थन प्राप्त होता है।

Did You Know?: कलंदिया हवाई अड्डा 106 साल से भी अधिक पुराना है और यह इस क्षेत्र के ऐतिहासिक भूगोल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।

Frequently Asked Questions

1. UNRWA क्या है?
UNRWA संयुक्त राष्ट्र की वह एजेंसी है जो फिलिस्तीनी शरणार्थियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रदान करती है।

2. इस छापे का मुख्य उद्देश्य क्या है?
विश्लेषकों का मानना है कि इसका उद्देश्य वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों का विस्तार करना और फिलिस्तीनी क्षेत्रों को अलग-थलग करना है।