गुरपत्वंत सिंह पन्नु को अमेरिकी ‘ड्यूटी टू वार्न’ कानून के तहत FBI और RCMP ने जीवन‑धमकी की चेतावनी दी। इस बीच भारत के नागरिक निकिल गुप्ता को 2023 की हत्या की साजिश के लिए दो दशकों की सजा की संभावना है।
- FBI और RCMP ने पन्नु को नई जीवन‑धमकी की चेतावनी दी
- ‘ड्यूटी टू वार्न’ कानून के तहत एजेंसियों को खतरे की सूचना देनी अनिवार्य है
- निखिल गुप्ता को 2023 की हत्या की साजिश के लिए लंबी सजा का सामना करना पड़ेगा
गुरपत्वंत सिंह पन्नु, सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के जनरल काउंसल, ने बताया कि FBI एजेंटों ने 20 अगस्त को उन्हें चेतावनी दी कि तब तक यात्रा न करें जब तक खतरा समाप्त न हो, और यदि यात्रा करनी हो तो पहले सूचना दें।
रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने भी 25 अगस्त को टेलीफ़ोन के माध्यम से इसी प्रकार की चेतावनी जारी की, पर दोनों एजेंसियों ने साजिश के विवरण नहीं बताए।
पन्नु, जो संयुक्त राज्य और कनाडा के दोहरी नागरिकता धारी हैं, ने कहा कि यह चेतावनी ‘ड्यूटी टू वार्न’ कानून के तहत दी गई है, जो अमेरिकी खुफिया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को हत्या, गंभीर शारीरिक चोट या अपहरण के विश्वसनीय ख़तरे की सूचना देने का दायित्व देता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पन्नु सिख स्वतंत्रता की मांग करने वाले प्रमुख नेता हैं और भारत सरकार द्वारा उन्हें आतंकवादी घोषित किया गया है। 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया के सराय में सिख नेता हरदीप सिंह निज़्ज़र की हत्या के बाद, कई सिख नेता और कार्यकर्ता को सुरक्षा खतरे का सामना करना पड़ा।
निखिल गुप्ता, एक भारतीय नागरिक, ने फरवरी 2026 में अमेरिकी फेडरल साजिश आरोपों को स्वीकार किया और 20 नवंबर को मैनहट्टन फेडरल कोर्ट में सजा सुनाई जाने की प्रतीक्षा कर रहा है। वह पन्नु की हत्या की साजिश में भारतीय सरकारी कर्मचारी द्वारा निर्देशित था, लेकिन उसने अनजाने में एक गुप्त एजेंट के साथ संपर्क किया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the coordinated warnings from two of the world’s top law‑enforcement agencies underscore the trans‑national dimension of threats against separatist activists, highlighting how diplomatic tensions between India, the United States and Canada are intensifying.
"Such cross‑border alerts are rare and signal a serious escalation in the geopolitical stakes surrounding the Khalistan movement," says Dr. Ayesha Khan, security analyst at Global Threat Institute.
पन्नु का बयान
फोन साक्षात्कार में पन्नु ने कहा, “मैं उनके मौत के ख़तरे से डरता नहीं हूँ; मैं अडिग हूँ।” उन्होंने यह भी आशा जताई कि डोनाल्ड ट्रम्प और मार्क कार्नी के नेतृत्व में अमेरिकी‑कनाडाई सरकारें नरेंद्र मोदी की सरकार पर दबाव बनायें।
पन्नु ने कहा कि “ड्यूटी टू वार्न” चेतावनियों ने उन्हें और अधिक साहस दिया है और वह “एक गोली की कीमत पर भी” अपना अभियान जारी रखेंगे।
Frequently Asked Questions
Q1: क्या पन्नु ने अभी तक किसी सुरक्षा उपाय को लागू किया है?
A: उन्होंने यात्रा प्रतिबंध और एजेंसियों को अपनी योजनाओं की सूचना देने का अनुरोध किया है, लेकिन विस्तृत सुरक्षा उपाय सार्वजनिक नहीं किए हैं।
Q2: निखिल गुप्ता की सजा कितनी होगी?
A: फेडरल सजा दिशानिर्देशों के अनुसार, उसे कम से कम 20 साल की जेल होनी चाहिए।