UNRWA की कार्यवाहक आयुक्त-जनरल क्रिस्टियन सॉन्डर्स ने पूर्वी यरूशलेम में इजरायली बलों द्वारा प्रशिक्षण केंद्र पर कब्जे की निंदा की है। उन्होंने इसे फिलिस्तीनी अधिकारों को खत्म करने की एक सोची-समझी साजिश बताया है।
- इजरायली बलों ने पूर्वी यरूशलेम के कलंदिया प्रशिक्षण केंद्र पर कब्जा किया और UNRWA कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया।
- UNRWA प्रमुख ने इसे फिलिस्तीनी शरणार्थियों के अधिकारों को कमजोर करने का एक प्रयास बताया।
- इस कार्रवाई से लगभग 340 युवाओं की शिक्षा और प्रशिक्षण बाधित हो गया है।
संयुक्त राष्ट्र के फिलिस्तीनी शरणार्थी एजेंसी (UNRWA) के प्रमुख ने पूर्वी यरूशलेम में अपने प्रशिक्षण केंद्र पर इजरायली बलों द्वारा किए गए कब्जे की तीखी निंदा की है। कार्यवाहक आयुक्त-जनरल क्रिस्टियन सॉन्डर्स ने इस छापेमारी को एक ऐसे अभियान का हिस्सा बताया है जिसका उद्देश्य एजेंसी को कमजोर करना और अंततः फिलिस्तीनी अधिकारों को समाप्त करना है।
मंगलवार को, इजरायली बलों ने काफ्र अकाब पड़ोस में स्थित कलंदिया प्रशिक्षण केंद्र पर छापा मारा और UNRWA कर्मचारियों को वहां से निकाल दिया, साथ ही उन्हें वापस न लौटने का आदेश भी दिया। इस दौरान गोलीबारी में पांच फिलिस्तीनी घायल हुए हैं। इजरायली राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने इस छापेमारी में सक्रिय भूमिका निभाई और कहा कि यरूशलेम और इजरायल में इस एजेंसी के लिए कोई जगह नहीं है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना केवल एक संपत्ति का विवाद नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय सहायता के भविष्य पर एक गंभीर सवाल खड़ा करती है। UNRWA का अस्तित्व फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए जीवन रेखा के समान है, और इस पर हमला सीधे तौर पर उनके सामाजिक और शैक्षिक ढांचे को निशाना बनाता है।
"यदि UNRWA को धनविहीन कर दिया जाता है और इसे समाप्त कर दिया जाता है, तो वे उम्मीद कर रहे हैं कि शरणार्थियों का मुद्दा और उनके वापसी का अधिकार भी खत्म हो जाएगा।" - क्रिस्टियन सॉन्डर्स
इस केंद्र के कब्जे से लगभग 340 युवा अपनी शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण से वंचित हो गए हैं। यह केंद्र कलंदिया शरणार्थी शिविर और वेस्ट बैंक के अन्य हिस्सों के लगभग 16,000 शरणार्थियों को सेवाएं प्रदान करता है। इजरायली अधिकारियों का दावा है कि यह संपत्ति 'यहूदी राष्ट्रीय कोष' की है और इसे यरूशलेम नगर पालिका को सौंप दिया गया है, जबकि UNRWA ने इन दावों को खारिज करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत संरक्षित संयुक्त राष्ट्र परिसर बताया है।
ऐतिहासिक रूप से, UNRWA का जनादेश संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा दिया गया है। सॉन्डर्स ने चेतावनी दी कि सदस्य देशों की सामूहिक इच्छाशक्ति के बिना संयुक्त राष्ट्र इन घुसपैठों को रोकने में सक्षम नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सात दशकों से अधिक समय से अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस मुद्दे का स्थायी समाधान खोजने में विफल रहा है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: कलंदिया प्रशिक्षण केंद्र पर कब्जा क्यों किया गया?
उत्तर: इजरायली अधिकारियों के अनुसार, यह भूमि नगर पालिका के विकास के लिए है, जबकि UNRWA इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत संरक्षित अपनी संपत्ति मानता है।
प्रश्न 2: इस कार्रवाई का छात्रों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: लगभग 340 छात्र अपने आवश्यक व्यावसायिक और शैक्षिक प्रशिक्षण से वंचित हो जाएंगे।