नेपाल में हिमस्खलन के कारण आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जबकि भारत अब रूस को पेट्रोलियम उत्पाद बेच रहा है। साथ ही, IIT दिल्ली में छात्र आत्महत्या के बाद बड़े विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

  • नेपाल में हिमस्खलन और बाढ़ से 160 से अधिक मौतें, 400 से अधिक लापता।
  • रूस अब भारत से पेट्रोलियम उत्पाद (पेट्रोल) आयात कर रहा है।
  • IIT दिल्ली में छात्र आत्महत्या के खिलाफ और संस्थान की उदासीनता के विरुद्ध प्रदर्शन।
  • राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश का आरोप।

नेपाल में प्राकृतिक आपदा का तांडव

नेपाल में एक भयावह त्रासदी सामने आई है जहाँ भोटेकोशी नदी में आए अचानक आए सैलाब ने कई गांवों और बहुमंजिला इमारतों को तहस-नहस कर दिया है। वैज्ञानिकों के अनुसार, हिमालयी ग्लेशियर का एक हिस्सा गिरने से हिमस्खलन हुआ, जिससे यह विनाशकारी बाढ़ आई। अब तक 160 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, और मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। इसमें 140 से अधिक भारतीय नागरिक लापता बताए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बात कर सहायता का आश्वासन दिया है। भारत सैन्य परिवहन के माध्यम से खाद्य सामग्री और राहत सामग्री भेजने की तैयारी में है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को निकालने के लिए 'बड़े पैमाने पर प्रयास' करने का आदेश दिया है।

भू-राजनीतिक बदलाव: रूस अब भारत का ग्राहक

अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक दिलचस्प मोड़ आया है। यूक्रेन के हमलों के कारण रूस की अपनी रिफाइनिंग क्षमता प्रभावित हुई है, जिसके बाद अब रूस भारत से पेट्रोल खरीद रहा है। शिप-ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि जून और जुलाई में दिल्ली (भारत) ने दस लाख बैरल से अधिक पेट्रोल की आपूर्ति की है।

यह एक ऐतिहासिक बदलाव है क्योंकि भारत अब तक रूस से कच्चा तेल खरीदता रहा है, लेकिन अब वह रूस को रिफाइंड उत्पाद बेच रहा है। गुजरात के वाडिनार में स्थित नयारा एनर्जी की रिफाइनरी इसमें मुख्य भूमिका निभा रही है।

IIT दिल्ली में छात्र आक्रोश

भारत के प्रतिष्ठित संस्थान IIT दिल्ली में भौतिकी के छात्र ऋषिकेश कुमार की आत्महत्या के बाद से छात्र आंदोलन जारी है। छात्रों का आरोप है कि संस्थान प्रशासन छात्र मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति 'संस्थागत उदासीनता' बरत रहा है।

प्रदर्शनकारी छात्र मृतक के परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे और एक बाहरी जांच समिति की मांग कर रहे हैं। संस्थान ने एक जांच दल गठित किया है जिसकी अध्यक्षता पूर्व दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायाधीश मुक्ता गुप्ता करेंगी।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि ये घटनाएँ वैश्विक और स्थानीय स्तर पर गहरे बदलावों का संकेत हैं। जहाँ एक ओर जलवायु परिवर्तन के कारण नेपाल जैसी आपदाएँ बढ़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर भारत की ऊर्जा कूटनीति रूस के साथ नए आयाम स्थापित कर रही है।

वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारत की भूमिका अब केवल कच्चे तेल के आयातक की नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण रिफाइंड उत्पाद निर्यातक की भी हो गई है।
Did You Know?: 2015 के भूकंप के बाद से नेपाल ने ऐसी सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा का सामना किया है।

Frequently Asked Questions

1. नेपाल में बाढ़ का मुख्य कारण क्या था?
वैज्ञानिकों का मानना है कि हिमालयी ग्लेशियर के ढहने से हिमस्खलन हुआ, जिससे भोटेकोशी नदी में अचानक बाढ़ आ गई।

2. भारत रूस को क्या बेच रहा है?
रूस की रिफाइनिंग क्षमता कम होने के कारण, भारत अब उसे रिफाइंड पेट्रोल की आपूर्ति कर रहा है।