बोस्नियाई सर्ब कमांडर रत्को एमएलैडिक का निधन हो गया है, जो अपने 'जातीय सफाए' (ethnic cleansing) के अभियानों और स्रेब्रेनिका नरसंहार के लिए दुनिया भर में कुख्यात था।

  • रत्को एमएलैडिक, जिन्हें 'बोस्निया का कसाई' कहा जाता था, का 84 वर्ष की आयु में निधन।
  • वह बोस्नियाई युद्ध के दौरान जातीय सफाए और नरसंहार के मुख्य सूत्रधार थे।
  • स्रेब्रेनिका में 8,000 से अधिक लोगों की हत्या के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया गया था।
  • उन्हें हेग में युद्ध अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया था।

बोस्नियाई सर्ब सेना के कमांडर रत्को एमएलैडिक का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्हें इतिहास के सबसे क्रूर सैन्य कमांडरों में से एक माना जाता है, जिन्हें अक्सर 'बोस्निया का कसाई' कहा जाता था। 1990 के दशक में यूगोस्लाविया के विघटन के दौरान, एमएलैडिक ने 'ग्रेटर सर्बिया' के अपने सपने को पूरा करने के लिए एक भयानक और व्यवस्थित 'जातीय सफाए' (ethnic cleansing) का नेतृत्व किया।

एमलैडिक का अभियान केवल सैन्य रणनीति नहीं, बल्कि एक विचारधारा पर आधारित था। उन्होंने अपने लोगों को भड़काया और यह दावा किया कि उनके मुस्लिम पड़ोसी सर्बों को प्रताड़ित करने की योजना बना रहे हैं। उनके इस उन्माद ने यूरोप में हिटलर के तीसरे रीक के बाद सबसे रक्तपातपूर्ण अत्याचारों को जन्म दिया।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि एमएलैडिक का उदय और पतन आधुनिक राष्ट्रवाद के सबसे खतरनाक स्वरूपों को दर्शाता है। जब सैन्य शक्ति का उपयोग किसी विशिष्ट जातीय समूह को मिटाने के लिए किया जाता है, तो परिणाम केवल विनाश होते हैं। उनका मामला आज भी अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र की विफलता पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

"एमलैडिक जैसे तानाशाहों का उदय तब होता है जब नफरत को राष्ट्रवाद का चोला पहना दिया जाता है," एक सैन्य इतिहासकार ने कहा।

सारजेवो की घेराबंदी उनके क्रूर शासन का एक काला अध्याय थी। उनके सैनिकों ने 1,425 दिनों तक शहर को घेरे रखा, जिसमें स्निपर हमलों और भारी गोलाबारी से हजारों नागरिक मारे गए। उन्होंने रेडियो पर अपने सैनिकों को निर्देश दिए कि वे मुस्लिम इलाकों को तब तक निशाना बनाएं जब तक कि वे 'पागलपन की कगार' पर न पहुंच जाएं।

सबसे भयावह क्षण 1995 में स्रेब्रेनिका में आया। संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित 'सुरक्षित क्षेत्र' होने के बावजूद, एमएलैडिक की सेना ने वहां घुसपैठ की और लगभग 8,000 पुरुषों और लड़कों को सामूहिक रूप से मार डाला। यह आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े नरसंहारों में से एक माना जाता है।

एमलैडिक ने कभी भी अपने कृत्यों के लिए खेद नहीं जताया। हेग में अपने मुकदमे के दौरान, उन्होंने अपने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदनहीनता का प्रदर्शन किया। उनका मानना था कि 'सीमाएं खून से खींची जाती हैं और राज्य कब्रों से चिह्नित किए जाते हैं।'

Did You Know?: सारजेवो की घेराबंदी आधुनिक युद्ध के इतिहास में सबसे लंबे समय तक चलने वाली घेराबंदी थी, जो 1,425 दिनों तक चली।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: रत्को एमएलैडिक को किस अपराध के लिए दोषी ठहराया गया था?
उत्तर: उन्हें नरसंहार, युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया था।

प्रश्न 2: स्रेब्रेनिका नरसंहार क्या था?
उत्तर: यह 1995 में बोस्नियाई युद्ध के दौरान हुआ एक नरसंहार था जिसमें हजारों बोस्नियाई मुसलमानों की हत्या कर दी गई थी।