युद्ध और संसाधनों की भारी कमी के बीच, गाजा के लाइफगार्ड्स बिना लाइफबॉय या वॉचटावर के केवल अपनी आंखों और एक साझा सीटी के सहारे तैराकों की जान बचा रहे हैं।
- गाजा में लाइफगार्ड्स के पास अब वॉचटावर, लाइफबॉय और संचार उपकरण नहीं हैं।
- युद्ध के कारण संसाधनों की लागत में भारी वृद्धि हुई है, जैसे एक सीटी की कीमत $8 से बढ़कर $34 हो गई है।
- लाइफगार्ड्स को प्रतिदिन 20 से 50 बचाव कार्यों का सामना करना पड़ता है।
गाजा सिटी, गाजा पट्टी: तपती गर्मी और युद्ध की विभीषिका से राहत पाने के लिए गाजा के समुद्र तटों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस भीड़ के बीच, अहमद अबू हसीरा जैसे लाइफगार्ड्स एक बेहद कठिन चुनौती का सामना कर रहे हैं। उनके पास न तो ऊंचे वॉचटावर हैं और न ही बचाव के लिए आधुनिक उपकरण; उनके पास बस एक सीटी है, जिसे वे अपनी शिफ्ट के दौरान साझा करते हैं।
अबू हसीरा की कहानी व्यक्तिगत त्रासदी और कर्तव्य के बीच के संघर्ष की है। अगस्त 2024 में एक इजरायली हमले में उनका घर नष्ट हो गया, जिसमें उनकी पत्नी, तीन बच्चे और उनके पिता की मृत्यु हो गई। इस त्रासदी के बावजूद, वे वापस समुद्र की लहरों के पास लौट आए हैं ताकि वे उन लोगों की रक्षा कर सकें जो जीवन के कुछ पल तलाश रहे हैं।
क्यों यह महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि गाजा का समुद्री बचाव तंत्र पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। युद्ध से पहले, हर 200 मीटर पर 3.3 मीटर ऊंचे वॉचटावर तैनात थे, जो संचार और बचाव के लिए सुसज्जित थे। अब, लाइफगार्ड्स को जमीन के स्तर पर बने तंबूओं से काम करना पड़ता है, जिससे उनकी दृष्टि (visibility) काफी सीमित हो गई है।
उपकरणों की कमी और सीमित दृष्टि के कारण, लाइफगार्ड्स अब केवल अपनी शारीरिक शक्ति और चिल्लाने की क्षमता पर निर्भर हैं।
गाजा नगर पालिका के समुद्री बचाव विभाग के प्रमुख, इब्राहिम शमलाक के अनुसार, युद्ध से पहले लाइफगार्ड्स की संख्या 140 थी, जो अब घटकर लगभग 120 रह गई है। संसाधनों की कमी का असर कीमतों पर भी पड़ा है। एक सीटी जो पहले 25 शेकेल ($8) की आती थी, अब इजरायली आयात प्रतिबंधों के कारण 100 शेकेल ($34) की मिलती है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
गाजा का तट दशकों से स्थानीय आबादी के लिए मनोरंजन और जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। हालांकि, हालिया संघर्षों ने न केवल बुनियादी ढांचे को नष्ट किया है, बल्कि समुद्री जीवन को बचाने वाले सुरक्षा तंत्र को भी पंगु बना दिया है।
| विशेषता | युद्ध से पहले | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|
| वॉचटावर | हर 200 मीटर पर ऊंचे टावर | जमीन पर छोटे तंबू |
| सीटी की कीमत | 25 शेकेल ($8) | 100 शेकेल ($34) |
| उपकरण | लाइफबॉय और संचार प्रणाली उपलब्ध | अत्यधिक कमी और साझा उपकरण |
15 वर्षों से काम कर रहे लाइफगार्ड बिलाल बकर बताते हैं कि कभी-कभी एक ही समय में कई लोग डूबने लगते हैं, और उनके पास पर्याप्त लाइफबॉय नहीं होते। ऐसे में वे केवल अपनी शारीरिक ताकत के दम पर लोगों को बचाने का प्रयास करते हैं।
Frequently Asked Questions
1. गाजा के लाइफगार्ड्स के पास मुख्य रूप से कौन से उपकरण हैं?
वर्तमान में उनके पास मुख्य रूप से सीटी और झंडे हैं, क्योंकि लाइफबॉय और संचार उपकरण बहुत कम हैं।
2. युद्ध ने बचाव कार्यों को कैसे प्रभावित किया है?
युद्ध ने वॉचटावर, बचाव नावें और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों को नष्ट कर दिया है, जिससे बचाव कार्य अत्यंत जोखिम भरा हो गया है।