तीन साल के भीषण युद्ध और भारी तबाही के बाद, शेख इजलिन के किसान खालिद अबू मादीन अपने पुश्तैनी अंगूर के बागों में वापस लौट आए हैं। यह केवल फसल की कटाई नहीं, बल्कि जीवन की वापसी का प्रतीक है।
- खालिद अबू मादीन तीन साल के युद्ध के बाद अपने पुश्तैनी अंगूर के बागों में लौटे।
- युद्ध के कारण लगभग 60% अंगूर की बेलें उखड़ गईं और खेत पूरी तरह नष्ट हो गए।
- खेती के सामान और कीटनाशकों की कमी के बावजूद, इस साल 40% फसल प्राप्त हुई है।
गाजा सिटी के दक्षिण-पश्चिमी कोने में स्थित शेख इजलिन में सुबह के 4 बजे हैं। चारों ओर सन्नाटा है, लेकिन 50 वर्षीय खालिद अबू मादीन के लिए यह सन्नाटा अब एक नए जीवन की आहट है। तीन साल के विनाशकारी युद्ध के बाद, खालिद फिर से अपने अंगूर के बागों के बीच खड़े हैं, जहाँ उन्होंने कभी अपनी आत्मा को खोने का डर महसूस किया था।
खालिद का परिवार पीढ़ियों से यहाँ अंगूर और अंजीर की खेती कर रहा है। एक समय प्रोजेक्ट मैनेजमेंट में करियर बनाने वाले खालिद ने अपनी जड़ों की ओर लौटने का फैसला किया। जब 2023 में युद्ध शुरू हुआ, तो उनके पास इटली जाने का विकल्प था, जहाँ उनकी पत्नी रहती हैं। लेकिन अपनी ज़मीन और विरासत को छोड़ने का विचार उनके लिए असंभव था।
क्यों यह महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, गाजा के कृषि क्षेत्र का विनाश केवल आर्थिक नुकसान नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक और खाद्य सुरक्षा की नींव पर प्रहार है। खालिद जैसे किसानों का संघर्ष गाजा की लचीली भावना (resilience) को दर्शाता है।
युद्ध के दौरान खालिद को अपनी माँ के साथ मजबूरन मध्य गाजा के देर अल-बलाह में शरण लेनी पड़ी थी। उन्होंने कई बार अपने खेतों की जाँच करने की कोशिश की, लेकिन इज़राइली सेना की गोलाबारी में उनके एक साथी को गंभीर रूप से घायल होना पड़ा। इसके बावजूद, उनकी ज़मीन के प्रति लगाव कम नहीं हुआ।
"मैं ऐसा महसूस कर रहा हूँ जैसे मैं अपनी आत्मा की ओर वापस लौट आया हूँ," खालिद ने अपनी बेलों के बीच काम करते हुए कहा।
जब खालिद वापस लौटे, तो नज़ारा भयावह था। उनके लगभग 60 प्रतिशत अंगूर के पेड़ उखड़ चुके थे। ज़मीन को फिर से समतल करने और बागों को पुनर्जीवित करने के लिए उन्हें लगभग $40,000 के निवेश की आवश्यकता है। इज़राइली प्रतिबंधों के कारण कीटनाशकों और कृषि उपकरणों की भारी कमी है, जिससे काम और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।
तमाम बाधाओं के बावजूद, वसंत के आगमन के साथ नई कोपलों ने उम्मीद जगाई है। इस साल की फसल युद्ध-पूर्व स्तर की तुलना में केवल 40% है, लेकिन खालिद के लिए यह एक बड़ी जीत है। यह फसल केवल फल नहीं, बल्कि गाजा के पुनर्निर्माण की एक धीमी लेकिन दृढ़ कोशिश है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: खालिद को अपने खेत वापस पाने में क्या मुख्य बाधाएं आईं?
उत्तर: मुख्य बाधाओं में युद्ध के दौरान हुए भौतिक नुकसान, इज़राइली सेना की गोलाबारी और कृषि सामग्री जैसे कीटनाशकों की आपूर्ति में कमी शामिल है।
प्रश्न 2: क्या गाजा में खेती फिर से शुरू हो पा रही है?
उत्तर: हाँ, युद्धविराम के बाद किसान धीरे-धीरे अपनी ज़मीन पर लौट रहे हैं, हालांकि पुनर्निर्माण अभी भी बहुत धीमा और महंगा है।