सैन डिएगो की पूर्व प्रॉपर्टी मैनेजर होली रैटचफोर्ड ने पहली बार 9/11 के हमलावरों और कथित सऊदी जासूस उमर अल-बायौमी के बीच के संबंधों पर चुप्पी तोड़ी है। यह खुलासा अमेरिका के सबसे काले दिन से जुड़ी एक गहरी साजिश की ओर इशारा करता है।
- पूर्व प्रॉपर्टी मैनेजर होली रैटचफोर्ड ने 9/11 हमलावरों के साथ उमर अल-बायौमी की करीबी मुलाकातों की पुष्टि की है।
- अल-बायौमी पर हमलावरों को अमेरिका में बसने और रहने में मदद करने का आरोप है।
- यह मामला सऊदी अरब के खिलाफ $1 ट्रिलियन के मुकदमे का केंद्र बन गया है।
अमेरिका के इतिहास के सबसे काले दिन, 9/11 के आतंकवादी हमलों, की परतें अब फिर से खुलने लगी हैं। सैन डिएगो के पार्कवुड अपार्टमेंट्स की पूर्व मैनेजर होली रैटचफोर्ड ने पहली बार सार्वजनिक रूप से उन घटनाओं का वर्णन किया है, जिन्होंने उनके जीवन को पिछले 25 वर्षों से झकझोर कर रख दिया है। रैटचफोर्ड ने बताया कि कैसे उमर अल-बायौमी, जो एक कथित सऊदी जासूस है, ने बड़े ही मिलनसार व्यवहार के साथ उनके पड़ोस में जगह बनाई और बाद में 9/11 के दो प्रमुख हमलावरों को अपना परिचित बताया।
रैटचफोर्ड की यादों के अनुसार, अल-बायौमी 1999 में एक 'परिपक्व छात्र' बनकर आए थे। वह स्वभाव से बहुत खुशमिजाज और मिलनसार थे, जो अक्सर अपार्टमेंट की पूल पार्टियों में शामिल होते थे। लेकिन रैटचफोर्ड का दावा है कि वह वास्तव में वह नहीं थे जो वह खुद को बताते थे। जल्द ही, अल-बायौमी ने रैटचफोर्ड का परिचय नवाफ अल-हजमी और खालिद अल-मिध्र से कराया, जो बाद में अमेरिकी एयरलाइंस की उड़ान 77 को हाईजैक करने वाले हमलावर बने।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत संबंधों का नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर सऊदी अरब की सरकार और उसके खुफिया तंत्र की भूमिका पर सवाल उठाता है। यदि यह साबित हो जाता है कि अल-बायौमी ने हमलावरों को सहायता प्रदान की थी, तो यह वैश्विक कूटनीति और आतंकवाद के वित्तपोषण के इतिहास को बदल सकता है।
"अल-बायौमी का व्यवहार एक छात्र जैसा नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति जैसा था जो समुदाय के भीतर रहकर निगरानी कर रहा था।"
वर्तमान में, अल-बायौमी सऊदी अरब के खिलाफ दायर किए गए $1 ट्रिलियन के विशाल मुकदमे के केंद्र में हैं। पीड़ितों के परिवारों का आरोप है कि सऊदी सरकार ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इन हमलों में सहायता की थी। न्यूयॉर्क के एक संघीय न्यायाधीश ने भी संकेत दिए हैं कि साक्ष्य इस बात का 'तर्कसंगत अनुमान' देते हैं कि अल-बायौमी और एक सऊदी राजनयिक ने हमलावरों की सहायता के लिए समन्वय किया था।
ऐतिहासिक रूप से, 11 सितंबर 2001 को अल-कायदा के 19 सदस्यों ने चार विमानों का अपहरण किया था। इनमें से दो विमानों ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की जुड़वां मीनारों से टकराकर उन्हें ध्वस्त कर दिया, जबकि एक विमान पेंटागन से टकराया। इस त्रासदी में लगभग 3,000 लोगों की जान गई थी।
Frequently Asked Questions
1. उमर अल-बायौमी कौन है?
उमर अल-बायौमी एक सऊदी नागरिक है जिस पर 9/11 के हमलावरों को अमेरिका में रहने और सहायता प्राप्त करने में मदद करने का आरोप है।
2. होली रैटचफोर्ड ने अब तक चुप्पी क्यों साधी थी?
रैटचफोर्ड ने बताया कि वह इस घटना के प्रभाव से बचने के लिए लंबे समय तक दुनिया से दूर रहीं और मीडिया से संपर्क नहीं किया।