प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान के ताशकंद में राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव से मुलाकात की। इस दौरान 'कार डिप्लोमेसी' के माध्यम से दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती मिली।
- प्रधानमंत्री मोदी का ताशकंद में चौथा आधिकारिक दौरा।
- राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव के साथ 'कार डिप्लोमेसी' के जरिए अनौपचारिक चर्चा।
- भारत-उज्बेकिस्तान द्विपक्षीय व्यापार लगभग $1 बिलियन तक पहुँचा।
- इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) पर सहयोग।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान के ताशकंद में अपनी चौथी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव से मुलाकात की। इस मुलाकात की सबसे खास बात 'कार डिप्लोमेसी' रही, जहाँ राष्ट्रपति मिर्ज़ियोयेव ने स्वयं प्रधानमंत्री मोदी को कार में भ्रमण कराया, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यक्तिगत और कूटनीतिक विश्वास का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर दोनों राष्ट्रों के बीच गहराते द्विपक्षीय संबंधों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच संबंधों में एक नई गतिशीलता देखी जा रही है, जो न केवल आर्थिक बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बढ़ता व्यापार और रणनीतिक साझेदारी
वर्तमान में भारत, उज्बेकिस्तान के प्रमुख व्यापारिक भागीदारों में से एक है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग $1 बिलियन के आंकड़े को छू रहा है। इस व्यापार में मुख्य रूप से फार्मास्यूटिकल्स (दवाएं), रक्षा, शिक्षा और निर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों का योगदान है।
उज्बेकिस्तान, भारत की 'मध्य एशिया नीति' (Central Asia Policy) में एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में उभरा है। दोनों देश इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) जैसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स पर मिलकर काम कर रहे हैं, जो भविष्य में कनेक्टिविटी को एक नया आयाम देगा।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि उज्बेकिस्तान के साथ भारत की यह करीबी केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मध्य एशिया में भारत के भू-राजनीतिक प्रभाव को बढ़ाने के लिए एक मास्टरस्ट्रोक है। कनेक्टिविटी और ऊर्जा सुरक्षा के मोर्चे पर यह साझेदारी भविष्य की चुनौतियों का समाधान करेगी।
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच का यह तालमेल मध्य एशिया में स्थिरता और आर्थिक एकीकरण के लिए एक नया अध्याय लिख सकता है।
रक्षा और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को और अधिक विस्तार देने की योजना है, जिससे दोनों देशों के बीच जनस्तर पर भी जुड़ाव बढ़ेगा।
Frequently Asked Questions
1. भारत और उज्बेकिस्तान के बीच मुख्य व्यापारिक क्षेत्र कौन से हैं?
मुख्य रूप से फार्मास्यूटिकल्स, रक्षा, शिक्षा और निर्माण क्षेत्र प्रमुख हैं।
2. INSTC का क्या महत्व है?
यह कॉरिडोर भारत को मध्य एशिया और यूरोप से जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण परिवहन मार्ग है।