पश्चिम बैंक में इजरायली बसियों द्वारा किए गए हमलों के बाद प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कड़ी निंदा की है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल अंतरराष्ट्रीय दबाव को कम करने की एक सोची-समझी चाल है।
- पश्चिम बैंक के कई गांवों में इजरायली बसियों ने फिलिस्तीनियों पर हिंसक हमले किए।
- नेतन्याहू ने इन घटनाओं को 'अपराध' बताया, लेकिन पुलिस ने एक भी गिरफ्तारी नहीं की।
- विशेषज्ञों के अनुसार, यह निंदा केवल व्यापक बस्ती विस्तार परियोजना को बचाने के लिए एक 'राजनीतिक कवच' है।
पिछले सप्ताहांत, कब्जे वाले पश्चिम बैंक में इजरायली बसियों की एक समन्वित लहर ने हिंसा फैला दी, जिससे दर्जनों फिलिस्तीनी घायल हो गए और कई संपत्तियों को आग के हवाले कर दिया गया। इन हमलों में कुसरा, जालुद और अल-मुघय्यर जैसे इलाकों में भारी तबाही देखी गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इन हमलों के दौरान इजरायली पुलिस और सैनिकों की भूमिका लगभग नगण्य या निष्क्रिय रही।
नेताओं का दोहरा चेहरा
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इन घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें 'अपराधी हिंसा' करार दिया। उन्होंने इन हमलों के लिए कानून का उल्लंघन करने वाले 'कुछ दंगाइयों' को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि, जमीनी हकीकत नेतन्याहू के बयानों से बिल्कुल अलग है। इजरायली मीडिया द्वारा जारी फुटेज में देखा जा सकता है कि कैसे नकाबपोश बसियों ने पिकअप ट्रकों में भरकर गांवों पर धावा बोला, फिर भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
इजरायली राष्ट्रपति आइजैक हर्ज़ोग ने भी इसे एक 'रेड लाइन' बताया, जबकि विपक्षी नेता यायर लैपिड ने सरकार की विफलता को 'राष्ट्रीय अपमान' कहा। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या यह निंदा केवल दिखावा है?
क्यों महत्वपूर्ण है यह घटना?
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि इजरायली नेतृत्व की यह प्रतिक्रिया एक 'सर्जिकल आइसोलेशन' (Surgical Isolation) की रणनीति का हिस्सा है। विशेषज्ञ एहाब जबारेन के अनुसार, नेतन्याहू इन हमलों को कुछ 'विद्रोही तत्वों' का काम बताकर पूरे बस्ती विस्तार अभियान को अंतरराष्ट्रीय जांच से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। वे यह दिखाना चाहते हैं कि 5 लाख वैध बसियों के बीच केवल कुछ मुट्ठी भर अपराधी हैं, ताकि मुख्य प्रणाली सुरक्षित रहे।
नेतन्याहू इन घटनाओं को एक आपराधिक विसंगति के रूप में परिभाषित कर रहे हैं ताकि वे व्यापक बस्ती उद्यम को इससे अलग रख सकें।
इसके अलावा, सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि नेतन्याहू की निंदा नैतिक नहीं, बल्कि व्यावहारिक है। इजरायली सेना को डर है कि अनियंत्रित हिंसा से पश्चिम बैंक में एक बड़ा फिलिस्तीनी विद्रोह भड़क सकता है, जिससे सेना पर बोझ बढ़ेगा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
दशकों से, पश्चिम बैंक में इजरायली बस्तियों का विस्तार एक विवादास्पद मुद्दा रहा है। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इन बस्तियों को अवैध माना जाता है, लेकिन इजरायली सरकारें लगातार इन्हें कानूनी रूप와 वित्तपोषित करती रही हैं।
Frequently Asked Questions
1. नेतन्याहू ने हमलों पर क्या कहा?
उन्होंने इन्हें 'अपराधी कृत्य' बताया और दंगाइयों को गिरफ्तार करने की मांग की।
2. क्या पुलिस ने कोई कार्रवाई की?
विजुअल सबूतों के बावजूद, इजरायली पुलिस ने इन हमलों के संबंध में कोई गिरफ्तारी नहीं की है।