इज़रायली राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर फिलिस्तीनी महिला कैदियों के प्रति अपनी कठोर नीतियों की प्रशंसा की है। उन्होंने कैदियों की बुनियादी सुविधाओं को छीनने की जिम्मेदारी खुद ली है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश बढ़ गया है।
- इतामार बेन-ग्विर ने फिलिस्तीनी महिला कैदियों के लिए कठोर जेल स्थितियों का सार्वजनिक रूप से समर्थन किया।
- कैदियों ने न नहाने, चिकित्सा सहायता की कमी और गंदे कपड़ों की शिकायत की है।
- फिलिस्तीनी समूहों ने इस वीडियो को कैदियों का अपमान और राजनीतिक तमाशा करार दिया है।
- वर्तमान में इज़राइल की जेलों में लगभग 9,400 फिलिस्तीनी बंदी हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
इज़राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक विवादित वीडियो साझा किया है, जिसमें वे फिलिस्तीनी महिला कैदियों के लिए लागू की गई अत्यंत कठोर स्थितियों का गर्व से बखान कर रहे हैं। यह घटना उस समय सामने आई है जब जेलों में बुनियादी मानवाधिकारों के उल्लंघन की खबरें बढ़ रही हैं।
वीडियो में दिखाया गया है कि बेन-ग्विर महिला कैदियों के बैरक में प्रवेश करते हैं और उनके द्वारा की जा रही शिकायतों का सामना करते हैं। एक कैदी ने रोते हुए कहा, "यह बिना स्नान किए हमारा तीसरा दिन है। हमें चिकित्सा उपचार नहीं मिल रहा है और हमारे कपड़े भी साफ नहीं हैं।" इस पर बेन-ग्विर ने बिना किसी पछतावे के जवाब दिया, "जेलों में अच्छी स्थितियां अब खत्म हो चुकी हैं। यह मौजूदा स्थिति है, और मैं इसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हूं। मुझे इन स्थितियों पर खुशी है।"
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि बेन-ग्विर का यह बयान इज़राइल की बदलती आंतरिक सुरक्षा नीति और फिलिस्तीनी बंदियों के प्रति बढ़ते प्रतिशोध की भावना को दर्शाता है। यह केवल जेल प्रबंधन का मुद्दा नहीं है, बल्कि एक राजनीतिक हथियार के रूप में मानवाधिकारों के हनन का उपयोग करने की रणनीति है।
बेन-ग्विर की नीतियां जेलों को सुधारने के बजाय उन्हें दंड और अपमान के केंद्र में बदल रही हैं।
फिलिस्तीनी समूहों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। गाजा के 'कमीशन ऑफ डिटेनिस एंड एक्स-डिटेनिस अफेयर्स' ने कहा कि यह कोई निरीक्षण यात्रा नहीं थी, बल्कि कैमरे के सामने महिलाओं को डराने और उनका अपमान करने का एक "राजनीतिक तमाशा" था। फिलिस्तीनी प्रिजनर्स सोसाइटी ने इसे मानवीय गरिमा पर सीधा हमला बताया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: 2022 के अंत में मंत्री बनने के बाद से, बेन-ग्विर ने लगातार फिलिस्तीनी बंदियों के लिए सुविधाएं कम करने का प्रयास किया है। उन्होंने भोजन, पानी की आपूर्ति और परिवार से मिलने की अनुमति जैसे अधिकारों को सीमित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। 2025 में भी उन्होंने अदालत के उस आदेश का विरोध किया था जिसमें पर्याप्त भोजन सुनिश्चित करने को कहा गया था।
Frequently Asked Questions
1. बेन-ग्विर की नीति का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उनका उद्देश्य फिलिस्तीनी कैदियों के लिए सुविधाओं को न्यूनतम स्तर तक लाना और प्रतिशोध की नीति अपनाना है।
2. फिलिस्तीनी समूहों की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?
वे इसे व्यवस्थित उत्पीड़न, भूख और अपमान की नीति मान रहे हैं।