प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस दौरान उनकी रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ संभावित मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।

  • पीएम मोदी बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।
  • रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक तय है।
  • चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भी मुलाकात की संभावना है।
  • पश्चिम एशिया के संघर्ष और आतंकवाद पर चर्चा प्रमुख मुद्दा होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में शिरकत करेंगे। यह शिखर सम्मेलन वैश्विक भू-राजनीति के बदलते समीकरणों और यूक्रेन व पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के बीच आयोजित हो रहा है। इस वर्ष SCO की 25वीं वर्षगांठ है, जो इस आयोजन को और भी महत्वपूर्ण बनाती है।

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक द्विपक्षीय बैठक का समय निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भी उनकी मुलाकात होने की प्रबल संभावना है। भारत के लिए यह बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आगामी 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर हो रही है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि SCO में भारत की भूमिका अब पहले से कहीं अधिक रणनीतिक हो गई है। भारत ने हमेशा से SCO के भीतर 'SECURE' मॉडल—सुरक्षा (Security), अर्थव्यवस्था (Economy), कनेक्टिविटी (Connectivity), एकता (Unity), और संप्रभुता का सम्मान (Respect for Sovereignty)—पर जोर दिया है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव, विशेष रूप से ईरान के SCO सदस्य होने के कारण, इस शिखर सम्मेलन के एजेंडे का एक बड़ा हिस्सा होगा।

SCO में भारत की सक्रियता न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए, बल्कि मध्य एशिया के साथ कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए भी अनिवार्य है।

इस शिखर सम्मेलन में आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद जैसी 'तीन बुराइयों' के खिलाफ एकजुट होने पर भी चर्चा होगी। भारत के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पाकिस्तान की उपस्थिति के बीच वह अपनी आतंकवाद विरोधी नीति को कैसे आगे बढ़ाता है। साथ ही, मध्य एशिया के साथ कनेक्टिविटी के लिए ईरान के माध्यम से विकसित होने वाले रास्ते भारत के लिए रणनीतिक महत्व रखते हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत 2017 से SCO का एक सक्रिय सदस्य है। भारत ने 2020 में SCO सरकारों के प्रमुखों की परिषद और 2022-2023 में SCO राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की अध्यक्षता भी की है। SCO में वर्तमान में 10 सदस्य देश शामिल हैं, जिनमें चीन, रूस, भारत और पाकिस्तान प्रमुख हैं।

Did You Know?: इस वर्ष के शिखर सम्मेलन में अंग्रेजी को SCO की आधिकारिक और कार्यशील भाषा बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।

Frequently Asked Questions

1. SCO शिखर सम्मेलन कहाँ आयोजित हो रहा है?
यह शिखर सम्मेलन किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित किया जा रहा है।

2. इस शिखर सम्मेलन के मुख्य विषय क्या हैं?
मुख्य विषयों में सुरक्षा, आतंकवाद का मुकाबला, कनेक्टिविटी और ऊर्जा संरक्षण शामिल हैं।