प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ओली दरजाली दोस्तलिक' से सम्मानित किया गया है। उन्होंने इस सम्मान को भारत और उज्बेकिस्तान के बीच अटूट संबंधों को समर्पित किया है।

  • प्रधानमंत्री मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च 'ओली दरजाली दोस्तलिक' ऑर्डर से सम्मानित किया गया।
  • भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' (Comprehensive Strategic Partnership) में अपग्रेड करने का निर्णय लिया गया।
  • प्रधानमंत्री ने इस सम्मान को भारत के 1.4 अरब लोगों और दोनों देशों की सदियों पुरानी दोस्ती को समर्पित किया।

ताशकंद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार, 30 अगस्त 2026 को उज्बेकिस्तान के प्रतिष्ठित 'ओली दरजाली दोस्तलिक' (Oliy Darajali Do'stlik) ऑर्डर से सम्मानित किया गया। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने कुक्सारो presidential पैलेस में आयोजित एक भव्य समारोह में यह सम्मान प्रदान किया।

प्रधानमंत्री ने इस गौरवपूर्ण क्षण के बाद सोशल मीडिया पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि 1.4 अरब भारतीयों का सम्मान है। उन्होंने विशेष रूप से 'दोस्तलिक' शब्द का उल्लेख किया, जिसका अर्थ 'दोस्ती' है, और कहा कि यह शब्द भारतीय परिवारों में भी बहुत लोकप्रिय है।

भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों का नया युग

इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान, दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' (Comprehensive Strategic Partnership) के स्तर तक बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह कदम व्यापार, स्वच्छ ऊर्जा और कनेक्टिविटी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

'दोस्तलिक' शब्द हमारे संबंधों के सार को खूबसूरती से व्यक्त करता है, जो भारत और उज्बेकिस्तान के बीच की गहरी भावना का प्रतीक है।

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, उज्बेकिस्तान के साथ भारत के बढ़ते संबंध मध्य एशिया में भारत की भू-राजनीतिक उपस्थिति को मजबूत करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यह साझेदारी न केवल आर्थिक बल्कि सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से भी रणनीतिक महत्व रखती है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत और उज्बेकिस्तान के संबंध ऐतिहासिक रेशम मार्ग (Silk Road) के समय से ही सांस्कृतिक रूप से जुड़े रहे हैं। हाल के वर्षों में, दोनों देशों ने रक्षा, ऊर्जा और डिजिटल बुनियादी ढांचे में सहयोग को काफी बढ़ाया है। उज्बेकिस्तान भारत के लिए मध्य एशिया में एक प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है।

Did You Know?: 'दोस्तलिक' शब्द का अर्थ उज्बेक भाषा में 'दोस्ती' होता है, जो भारतीय संस्कृति में भी बहुत गहराई से रचा-बसा है।

Frequently Asked Questions

1. 'ओली दरजाली दोस्तलिक' ऑर्डर क्या है?
यह उज्बेकिस्तान का एक अत्यंत प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान है जो उत्कृष्ट सेवाओं के लिए दिया जाता है।

2. प्रधानमंत्री की अगली यात्रा क्या है?
प्रधानमंत्री मोदी ताशकंद के बाद किर्गिस्तान जाएंगे, जहां वे 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।