प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान 'ओलीय दरजाली दोस्तलिक' से नवाजा गया है। यह 2016 के बाद से उन्हें मिलने वाला 36वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है, जो भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाता है।
- पीएम मोदी को उज्बेकिस्तान का प्रतिष्ठित 'ओलीय दरजाली दोस्तलिक' ऑर्डर मिला।
- यह उनके कार्यकाल के दौरान प्राप्त किया गया 36वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।
- भारत और उज्बेकिस्तान ने 2030 तक 5 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य रखा है।
- दोनों देशों के बीच खनन, पर्यटन और परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में 11 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार, 30 अगस्त 2026 को उज्बेकिस्तान के प्रतिष्ठित 'ओलीय दरजाली दोस्तलिक' (Oliy Darajali Do'stlik) ऑर्डर से सम्मानित किया गया। ताशकंद में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव ने यह सम्मान प्रदान किया। पीएम मोदी ने इस सम्मान को भारत और उज्बेकिस्तान के बीच "अटूट" और "स्थायी" संबंधों को समर्पित किया है।
यह सम्मान केवल एक पदक नहीं है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते कद का प्रतीक है। 2016 में प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद से, उन्हें अब तक कुल 36 अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। यह उपलब्धि दर्शाती है कि कैसे भारत की कूटनीति ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में विश्वास और सम्मान अर्जित किया है।
भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों का नया युग
इस मुलाकात के दौरान, दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' (Comprehensive Strategic Partnership) के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया। BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यह कदम मध्य एशिया में भारत की भू-राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। दोनों नेताओं ने 2030 तक वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, जो वर्तमान में 1 अरब डॉलर से अधिक है।
रणनीतिक सहयोग को गहरा करने के लिए, दोनों पक्षों ने खनन, पर्यटन और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 11 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। विशेष रूप से, नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग के तहत उज्बेकिस्तान से भारत को यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए एक रूपरेखा स्थापित करने पर सहमति बनी है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह 36वां सम्मान वैश्विक दक्षिण (Global South) के नेतृत्व में भारत की बढ़ती स्वीकार्यता का प्रमाण है।
ऐतिहासिक रूप से, भारत और उज्बेकिस्तान के संबंध हमेशा से सहयोगपूर्ण रहे हैं, लेकिन हाल के वर्षों में सुरक्षा और ऊर्जा के मोर्चे पर यह साझेदारी अभूतपूर्व गति से बढ़ी है। उज्बेकिस्तान की रणनीतिक स्थिति और भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति का मेल दोनों देशों के लिए आर्थिक समृद्धि के नए द्वार खोल रहा है।
महत्वपूर्ण तुलना: व्यापार लक्ष्य
| विवरण | वर्तमान स्थिति | 2030 का लक्ष्य |
|---|---|---|
| वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार | $1 बिलियन+ | $5 बिलियन |
| रणनीतिक संबंध स्तर | द्विपक्षीय सहयोग | व्यापक रणनीतिक साझेदारी |
Frequently Asked Questions
1. पीएम मोदी को अब तक कितने अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं?
प्रधानमंत्री मोदी को उज्बेकिस्तान के सम्मान के साथ अब तक कुल 36 अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं।
2. भारत और उज्बेकिस्तान के बीच व्यापार का लक्ष्य क्या है?
दोनों देशों ने 2030 तक वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है।