प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा ने भारत-मध्य एशिया संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ा है। व्यापार, रक्षा और संस्कृति के साथ-साथ सरदार पटेल राष्ट्रीय एकता पुरस्कार जैसे विषय यूपीएससी परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो गए हैं।

  • प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा और उसके बाद बिश्केक में एससीओ (SCO) शिखर सम्मेलन।
  • भारत और उज्बेकिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचा।
  • मध्य एशिया में भारत की 'कनेक्ट सेंट्रल एशिया' नीति और रणनीतिक कनेक्टिविटी का विस्तार।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी चार दिवसीय मध्य एशिया यात्रा की शुरुआत ताशकंद में उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक से की। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य व्यापार, पर्यटन, स्वास्थ्य, ऊर्जा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करना है। यह यात्रा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करती है, बल्कि वैश्विक भू-राजनीति में भारत की स्थिति को भी स्पष्ट करती है।

सांस्कृतिक और शैक्षिक कूटनीति: योग और हिंदी का प्रभाव

भारत और उज्बेकिस्तान के बीच संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं। उज्बेकिस्तान मध्य एशिया का पहला देश बन गया है जिसने आयुष मंत्रालय के योग प्रमाणन बोर्ड (YCB) के तहत योग प्रमाणन परीक्षाएं आयोजित की हैं। इसके अतिरिक्त, ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज (TSUOS) में 1947 से हिंदी पढ़ाई जा रही है, जो दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों का प्रमाण है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, मध्य एशिया क्षेत्र रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। अफगानिस्तान में तालिबान शासन के बाद सुरक्षा सहयोग, चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करना और अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (INSTC) जैसे कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स के लिए भारत को इस क्षेत्र के साथ मजबूत संबंधों की आवश्यकता है। यह क्षेत्र भारत की ऊर्जा सुरक्षा, विशेष रूप से यूरेनियम और गैस पाइपलाइनों (TAPI) के लिए अपरिहार्य है।

"मध्य एशिया के साथ भारत का जुड़ाव अब केवल ऐतिहासिक नहीं, बल्कि रणनीतिक आवश्यकता बन गया है, जो यूरेशियाई राजनीति में भारत की भूमिका को पुनर्परिभाषित करता है।"

आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी

भारत वर्तमान में उज्बेकिस्तान के शीर्ष 10 व्यापारिक भागीदारों में शामिल है। नवीकरणीय ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, खनन और आईटी जैसे क्षेत्रों में लगभग 1 बिलियन डॉलर का भारतीय निवेश किया गया है। इसके अलावा, चिकित्सा पर्यटन (Medical Tourism) के क्षेत्र में उज्बेकिस्तान भारत के लिए तीसरा सबसे बड़ा स्रोत देश बनकर उभरा है, जहाँ लगभग 14,000 नागरिक इलाज के लिए भारत आते हैं।

क्षेत्र सहयोग का स्तर/विवरण
व्यापार ~1 बिलियन अमेरिकी डॉलर
निवेश नवीकरणीय ऊर्जा, आईटी और स्वास्थ्य
संस्कृति योग प्रमाणन और हिंदी चेयर (TSUOS)
कनेक्टिविटी INSTC और TAPI पाइपलाइन
क्या आप जानते हैं?: भारत ने 2012 में 'कनेक्ट सेंट्रल एशिया' नीति शुरू की थी, और पीएम मोदी 2015 में सभी पांच मध्य एशियाई देशों की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने थे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. INSTC क्या है?
यह अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा है जो भारत को ईरान और रूस के माध्यम से यूरोप और मध्य एशिया से जोड़ता है।

2. एससीओ (SCO) का भारत के लिए क्या महत्व है?
शंघाई सहयोग संगठन भारत को क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी अभियानों और मध्य एशियाई देशों के साथ राजनयिक संबंधों को प्रबंधित करने का मंच प्रदान करता है।