नाइजर की राजधानी नियामी में शनिवार सुबह हुए तख्तापलट के प्रयास को रूसी 'अफ्रीकन कोर' की सहायता से नाकाम कर दिया गया है। सैन्य बेस और राष्ट्रपति महल पर हुए हमलों के बाद स्थिति अब नियंत्रण में है।

  • नाइजर में शनिवार सुबह सैन्य विद्रोह की कोशिश की गई, जिसे नाकाम कर दिया गया।
  • रूसी रक्षा मंत्रालय के 'अफ्रीकन कोर' के सैनिकों ने नाइजर सरकार की मदद की।
  • विद्रोहियों ने एयरबेस 101 और राष्ट्रपति महल को निशाना बनाया था।
  • वर्तमान सैन्य शासक जनरल अब्दौराहमान तियानी की सरकार अब नियंत्रण में है।

नाइजर में शनिवार तड़के हुए एक संभावित तख्तापलट के प्रयास को सरकार ने सफलतापूर्वक विफल कर दिया है। मॉस्को के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि नाइजर की सेना ने रूसी रक्षा मंत्रालय के 'अफ्रीकन कोर' (African Corps) के सैनिकों की महत्वपूर्ण सहायता से इस विद्रोह को दबा दिया है।

घटनाक्रम की शुरुआत नियामी में भारी धमाकों और गोलीबारी के साथ हुई। विद्रोहियों ने देश के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण एयरबेस 101 और राष्ट्रपति महल पर हमला करने का प्रयास किया। एयरबेस 101, जो डियोरी हमानी हवाई अड्डा परिसर का हिस्सा है, न केवल नाइजर के सैन्य विमानों का घर है, बल्कि वहां रूसी और इतालवी सेनाएं भी तैनात हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है यह घटना?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना साहेल क्षेत्र में बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों का एक बड़ा संकेत है। नाइजर, माली और बुर्किना फासो जैसे देश अब पश्चिमी शक्तियों से संबंध तोड़कर रूस की ओर झुक रहे हैं। रूसी 'अफ्रीकन कोर' इस क्षेत्र में सुरक्षा भागीदार के रूप में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है, जिससे पश्चिमी प्रभाव कम हो रहा है।

नाइजर में हुआ यह विद्रोह दर्शाता है कि सैन्य शासनों को न केवल बाहरी जिहादी खतरों से, बल्कि अपनी ही सेना के भीतर बढ़ते असंतोष से भी जूझना पड़ रहा है।

नाइजर के सैन्य शासक जनरल अब्दौराहमान तियानी, जिन्होंने पिछले साल निर्वाचित सरकार को हटाकर सत्ता संभाली थी, ने इस घटना पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, राज्य प्रसारक ने विद्रोहियों की गिरफ्तारी के फुटेज दिखाए हैं। वर्तमान में नियामी में व्यावसायिक गतिविधियां धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं और सुरक्षा बलों ने राष्ट्रपति भवन और हवाई अड्डे जैसे महत्वपूर्ण स्थलों पर गश्त बढ़ा दी है।

यह विद्रोह उस एयरबेस पर हुआ जहां इस साल पहले भी इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा से जुड़े समूहों ने हमले किए थे। यह स्थिति नाइजर की आंतरिक सुरक्षा और सैन्य अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

Did You Know?: नाइजर, माली और बुर्किना फासो मिलकर 'साहेल राज्यों का गठबंधन' (Alliance of Sahel States) बनाते हैं, जो हाल ही में पश्चिमी देशों से अलग हो गया है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: नाइजर में तख्तापलट की कोशिश किसने की?
उत्तर: यह विद्रोह नाइजर की सेना के ही एक समूह द्वारा करने की कोशिश की गई थी, जिसे 'विश्वासघात' बताया गया है।

प्रश्न 2: रूस ने नाइजर की मदद कैसे की?
उत्तर: रूस के 'अफ्रीकन कोर' के सैनिकों ने नाइजर की सुरक्षा बलों के साथ मिलकर विद्रोहियों को रोकने में मदद की।