इजरायल और ग्रीस ने एक ऐतिहासिक 'अकिलीज़ शील्ड' समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत ग्रीस को एक बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली प्रदान की जाएगी। यह सौदा दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
- इजरायल और ग्रीस के बीच लगभग 3 बिलियन यूरो का 'अकिलीज़ शील्ड' रक्षा समझौता हुआ।
- ग्रीस को डेविड स्लिंग (David Sling) और स्पाइडर (SPYDER) जैसी उन्नत वायु रक्षा प्रणालियाँ मिलेंगी।
- इजरायल के रक्षा निर्यात में भारी वृद्धि हुई है, जो पिछले वर्ष 19 बिलियन डॉलर को पार कर गया।
इजरायल ने सोमवार को ग्रीस के साथ लगभग 3 बिलियन यूरो के रक्षा निर्यात समझौते पर हस्ताक्षर किए, जो इन दोनों भूमध्यसागरीय देशों के बीच अब तक का सबसे बड़ा हथियार समझौता है। इस समझौते का नाम 'अकिलीज़ शील्ड' (Achilles Shield) रखा गया है, जिसके तहत इजरायली तकनीक का उपयोग करके ग्रीस के लिए एक बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली विकसित की जाएगी।
यह समझौता ऐसे समय में आया है जब इजरायल के रक्षा निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, गाजा, हिजबुल्लाह और ईरान के साथ चल रहे संघर्षों और अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं के बावजूद, इजरायल का रक्षा निर्यात पिछले साल 30 प्रतिशत बढ़कर 19 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने कहा कि दोनों देश साझा रणनीतिक हितों और क्षेत्रीय चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, विशेष रूप से उन ताकतों के खिलाफ जो क्षेत्र में अस्थिरता फैलाना चाहती हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इजरायली हथियारों की मांग इसलिए बढ़ रही है क्योंकि वे 'बैटल-टेस्टेड' (युद्ध में परखे हुए) हैं। ग्रीस के लिए यह सौदा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि वह अपने पड़ोसी और नाटो सदस्य तुर्की के साथ पूर्वी भूमध्य सागर में समुद्री सीमाओं को लेकर लंबे समय से विवाद में है। अपनी सेना का आधुनिकीकरण करके ग्रीस अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना चाहता है।
आधुनिक संघर्षों ने सैन्य रक्षा और निवारण के मापदंडों को पूरी तरह बदल दिया है, जिससे पुराने रक्षा सिद्धांत अब अप्रासंगिक हो गए हैं।
इस व्यापक पैकेज में न केवल डेविड स्लिंग और SPYDER जैसी प्रणालियाँ शामिल हैं, बल्कि एक नया राष्ट्रीय कमांड और कंट्रोल सिस्टम भी शामिल है। इसके अलावा, राफेल के 'ड्रोन डोम' सिस्टम के लिए 26 मिलियन यूरो का एक पूरक समझौता भी किया गया है। यह पहली बार है जब इजरायल किसी देश को बैलिस्टिक मिसाइलों से लेकर ड्रोन तक के खतरों से निपटने के लिए हथियारों की पूरी श्रृंखला प्रदान कर रहा है।
ऐतिहासिक रूप से, इजरायल और ग्रीस पिछले एक दशक से अपने रक्षा संबंधों का विस्तार कर रहे हैं। इससे पहले, इजरायली कंपनी एलबिट (Elbit) के साथ 1.65 बिलियन डॉलर का एक समझौता हुआ था, जिसके तहत ग्रीस में एक उड़ान प्रशिक्षण स्कूल बनाया जाना था। साथ ही, रॉकेट लॉन्चर और एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों की बिक्री की योजना भी बनाई गई थी।
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के अनुसार, इजरायल ने वैश्विक हथियारों के निर्यात में यूनाइटेड किंगडम को पीछे छोड़ दिया है, जिससे वह दुनिया का सातवां सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन गया है। इजरायल के कुल रक्षा निर्यात का आधे से अधिक हिस्सा अब मिसाइलों, रॉकेटों और वायु रक्षा प्रणालियों से आता है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: 'अकिलीज़ शील्ड' समझौते का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य ग्रीस को एक बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली प्रदान करना है जो बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन जैसे आधुनिक खतरों से सुरक्षा दे सके।
प्रश्न 2: इजरायली हथियारों की वैश्विक मांग क्यों बढ़ रही है?
उत्तर: इजरायली हथियार वास्तविक युद्ध स्थितियों में परखे गए (battle-tested) हैं, जिससे उनकी प्रभावशीलता साबित हो चुकी है।