बिश्केक में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए वीजा-मुक्त यात्रा व्यवस्था को स्थायी बनाने पर विचार-विमर्श किया।

  • चीन और रूस वीजा-मुक्त यात्रा व्यवस्था को स्थायी बनाने पर विचार कर रहे हैं।
  • वर्ष की पहली छमाही में दोनों देशों के बीच पर्यटकों की संख्या में 43% की वृद्धि हुई है।
  • वैश्विक अनिश्चितता के बीच दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने का संकल्प लिया है।

बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन 2026 के इतर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु दोनों देशों के नागरिकों के लिए वीजा-मुक्त यात्रा व्यवस्था को स्थायी बनाना था, जिससे न केवल पर्यटन बल्कि व्यापारिक संबंधों को भी नई गति मिले।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने स्पष्ट किया कि रूस इस दिशा में काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है, बशर्ते बीजिंग इसे उपयोगी समझे। रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, पुतिन ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वीजा-मुक्त व्यवस्था के कारण इस वर्ष की पहली छमाही में पर्यटकों के प्रवाह में 43 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि यह कदम केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों और वैश्विक अलगाव के खिलाफ एक रणनीतिक गठबंधन है। जब अमेरिका और यूरोपीय संघ रूस पर दबाव बना रहे हैं, तब चीन के साथ इस तरह की निकटता रूस को एक मजबूत आर्थिक और कूटनीतिक विकल्प प्रदान करती है।

वीजा-मुक्त यात्रा को स्थायी बनाना चीन और रूस के बीच 'बिना सीमा' वाले रणनीतिक भरोसे की ओर एक बड़ा कदम है, जो वैश्विक भू-राजनीति को बदल सकता है।

ऐतिहासिक रूप से देखें तो, 1 दिसंबर 2025 को राष्ट्रपति पुतिन ने एक डिक्री पर हस्ताक्षर किए थे, जिससे चीनी नागरिकों को 30 दिनों तक बिना वीजा के रूस में प्रवेश की अनुमति मिली थी। चीन ने भी रूसी नागरिकों के लिए इसी तरह की व्यवस्था लागू की थी। वर्तमान में, इस व्यवस्था को 2027 के अंत तक बढ़ाया जा चुका है, लेकिन अब इसे पूरी तरह स्थायी बनाने की तैयारी है।

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस अवसर पर कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में 'एक सदी में अनदेखे' बदलाव हो रहे हैं, जिससे अनिश्चितता बढ़ी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चीन-रूस संबंधों की नींव अब और मजबूत होगी और भविष्य और अधिक उज्ज्वल होगा। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिरता और शांति के लिए आपसी सहयोग पर सहमति जताई।

क्या आप जानते हैं?: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) दुनिया का सबसे बड़ा क्षेत्रीय सुरक्षा संगठन है, जो वैश्विक जनसंख्या और भूमि क्षेत्र के एक बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है।
विशेषतावर्तमान स्थिति (अस्थायी)प्रस्तावित स्थिति (स्थायी)
वीजा आवश्यकतासीमित अवधि के लिए छूटपूर्णतः वीजा-मुक्त
पर्यटक प्रवाह43% की वृद्धि (प्रथम छमाही)निरंतर और तीव्र वृद्धि की संभावना
वैधतादिसंबर 2027 तक विस्तारितअनिश्चित काल के लिए प्रभावी

Frequently Asked Questions

1. क्या यह वीजा-मुक्त व्यवस्था सभी नागरिकों के लिए है?
फिलहाल यह चर्चा सरकारी स्तर पर द्विपक्षीय समझौतों के माध्यम से पर्यटन और अल्पकालिक यात्राओं के लिए की जा रही है।

2. इस कदम का वैश्विक प्रभाव क्या होगा?
यह कदम चीन और रूस के बीच आर्थिक एकीकरण को बढ़ाएगा और पश्चिमी प्रभुत्व वाले यात्रा नियमों को चुनौती देगा।