बिश्केक में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों ने ईरान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और हमलों की निंदा की है। ईरान ने एक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था और SCO संसदीय सभा की स्थापना का प्रस्ताव रखा है।

  • SCO ने ईरान के खिलाफ लगाए गए एकतरफा प्रतिबंधों और सैन्य हमलों की कड़ी निंदा की।
  • ईरान ने वैश्विक राजनीति में 'बहुध्रुवीयता' (Multipolarity) और बहुपक्षवाद पर जोर दिया।
  • ईरान ने सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए एक 'SCO संसदीय सभा' बनाने का प्रस्ताव दिया है।

किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के हालिया शिखर सम्मेलन ने वैश्विक भू-राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ लिया है। इस उच्च-स्तरीय बैठक में सदस्य देशों ने सामूहिक रूप से ईरान के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों और हालिया सैन्य हमलों की कड़ी आलोचना की, जिसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन माना गया।

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों के प्रति UN की प्रतिक्रिया अपर्याप्त रही है। उन्होंने तर्क दिया कि जब तक वैश्विक संस्थाएं निष्पक्ष रूप से काम नहीं करेंगी, तब तक दुनिया में शांति स्थापित करना असंभव होगा।

यह क्यों महत्वपूर्ण है (Why This Matters)

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह घटनाक्रम दर्शाता है कि SCO अब केवल एक सुरक्षा गठबंधन नहीं, बल्कि पश्चिम (विशेषकर अमेरिका) के प्रभुत्व के खिलाफ एक मजबूत राजनीतिक मंच बन रहा है। ईरान का इस समूह में बढ़ता प्रभाव यह संकेत देता है कि मध्य पूर्व और मध्य एशिया के बीच रणनीतिक संबंध अब और गहरे होंगे।

"SCO का ईरान के समर्थन में खड़ा होना यह स्पष्ट करता है कि वैश्विक दक्षिण (Global South) अब पश्चिमी प्रतिबंधों की नीति को स्वीकार करने के मूड में नहीं है।"

सम्मेलन के दौरान, ईरान ने एक SCO संसदीय सभा की स्थापना का प्रस्ताव रखा। इस पहल का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच विधायी सहयोग को बढ़ाना और साझा आर्थिक व सुरक्षा हितों के लिए एक कानूनी ढांचा तैयार करना है।

ऐतिहासिक रूप से, SCO की स्थापना 2001 में हुई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद का मुकाबला करना था। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में, चीन और रूस के नेतृत्व में यह संगठन आर्थिक एकीकरण और 'गैर-पश्चिमी' सुरक्षा ढांचे की ओर स्थानांतरित हो गया है।

क्या आप जानते हैं?: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) दुनिया की लगभग 40% आबादी का प्रतिनिधित्व करता है, जो इसे दुनिया के सबसे प्रभावशाली क्षेत्रीय संगठनों में से एक बनाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: SCO ने ईरान के संदर्भ में क्या स्टैंड लिया?
उत्तर: SCO ने ईरान पर लगाए गए एकतरफा प्रतिबंधों और बाहरी हमलों की निंदा की और संप्रभुता के सम्मान पर जोर दिया।

प्रश्न 2: ईरान ने संसदीय सभा का प्रस्ताव क्यों दिया?
उत्तर: सदस्य देशों के बीच विधायी समन्वय बढ़ाने और राजनीतिक सहयोग को संस्थागत रूप देने के लिए यह प्रस्ताव दिया गया।