कीव पर लगातार छठे दिन हुए रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों में एक भारतीय नागरिक सहित 12 लोगों की जान चली गई है। इन हमलों ने रिहायशी इमारतों और नागरिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचाया है।
- ताजा रूसी हमले में एक भारतीय नागरिक सहित कुल 12 लोगों की मृत्यु हुई है।
- यूक्रेन की राजधानी कीव पिछले छह दिनों से लगातार हमलों का सामना कर रही है।
- रूस ने इस हमले में बैलिस्टिक मिसाइलों और जेट-पावर्ड ड्रोन का उपयोग किया।
- रिहायशी इमारतों, रेलवे डिपो और बिजली ग्रिड को गंभीर नुकसान पहुँचा है।
एक हृदयविदारक घटना में, राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने मंगलवार को पुष्टि की कि कीव और उसके आसपास के क्षेत्रों पर रात भर चले रूसी हमलों में 12 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल है, जो इस युद्ध में नागरिक हताहतों के अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को दर्शाता है।
यह हमला सुबह तड़के हुआ और यह लगातार छठा दिन था जब यूक्रेनी राजधानी को निशाना बनाया गया। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, रूसी सेना ने बैलिस्टिक मिसाइलों और जेट-पावर्ड ड्रोन के एक परिष्कृत मिश्रण का उपयोग किया, जिसे हवाई रक्षा प्रणालियों को भेदने और शहर के भीतर उच्च-मूल्य वाले लक्ष्यों को नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया था।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि जेट-पावर्ड ड्रोन का उपयोग रूस द्वारा यूक्रेनी इंटरसेप्टर्स को गति और मात्रा के माध्यम से भ्रमित करने का एक रणनीतिक प्रयास है। रिहायशी इलाकों और रेलवे डिपो को निशाना बनाकर, रूस न केवल नागरिक आबादी का मनोबल तोड़ने की कोशिश कर रहा है, बल्कि यूक्रेन की रक्षा और मानवीय सहायता के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण रसद श्रृंखलाओं को भी बाधित कर रहा है।
तबाही का पैमाना बहुत बड़ा है। रिहायशी कॉम्प्लेक्स मलबे में तब्दील हो गए हैं और एक प्रमुख रेलवे डिपो को गंभीर नुकसान पहुँचा है। इसके अलावा, ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों ने हजारों निवासियों को अंधेरे में धकेल दिया है, जिससे पहले से ही संघर्ष झेल रही आबादी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
नागरिक केंद्रों पर इन हमलों की निरंतरता यह बताती है कि यह व्यवस्थित बुनियादी ढांचे के विनाश के माध्यम से कीव के शहरी संकल्प को तोड़ने की एक सोची-समझी रणनीति है।
वर्तमान में, लगभग 350 प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता (first responders) मलबे से जीवित बचे लोगों को बचाने और आग बुझाने के लिए राजधानी और पड़ोसी क्षेत्रों में अथक प्रयास कर रहे हैं। यूक्रेनी सरकार ने मृतकों के परिवारों, जिनमें भारतीय नागरिक का परिवार भी शामिल है, के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू होने के बाद से, कीव रूसी लंबी दूरी के हथियारों का प्राथमिक लक्ष्य रहा है। हालांकि शहर ने 2022 में शुरुआती जमीनी हमले को सफलतापूर्वक विफल कर दिया था, लेकिन तब से यह ड्रोन और मिसाइलों वाले 'घर्षण युद्ध' (war of attrition) का केंद्र बन गया है। 'शाहेद' ड्रोन और बाद में उन्नत जेट-पावर्ड वेरिएंट के उपयोग ने यूक्रेन को पश्चिमी सहायता से अपनी हवाई रक्षा परतों को लगातार विकसित करने के लिए मजबूर किया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हमले में मारे गए भारतीय नागरिक कौन थे?
यूक्रेनी या भारतीय सरकारों द्वारा अभी तक भारतीय नागरिक की आधिकारिक पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
ताजा हमले में किस तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया गया था?
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलों और उच्च गति वाले जेट-पावर्ड ड्रोन के उपयोग की पुष्टि की है।