चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और आतंकवाद व अलगाववाद जैसी चुनौतियों से निपटने पर जोर दिया। उन्होंने बाहरी शक्तियों के हस्तक्षेप की आलोचना करते हुए क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने का आह्वान किया।
- शी जिनपिंग ने आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया।
- चीनी राष्ट्रपति ने बाहरी शक्तियों द्वारा आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की कड़ी आलोचना की।
- SCO को गैर-गठबंधन और गैर-सामना करने वाली सहयोग प्रणाली के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।
- डिजिटल अर्थव्यवस्था और हरित ऊर्जा सहयोग के लिए चीन की प्रतिबद्धता दोहराई।
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सदस्य देशों से सुरक्षा को एक प्रमुख प्राथमिकता बनाने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आतंकवाद, अलगाववाद, चरमपंथ, संगठित अपराध और नशीली दवाओं की तस्करी जैसी समस्याओं से निपटने के लिए समन्वित उपायों की आवश्यकता है।
शी जिनपिंग ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए बाहरी शक्तियों, विशेष रूप से अमेरिका की ओर इशारा किया, और कहा, “हमें बाहरी ताकतों को हमारे आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने, हमारी राजनीतिक सुरक्षा को खतरे में डालने और क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करने से रोकना चाहिए।” यह बयान वैश्विक भू-राजनीति में बढ़ते तनाव के बीच अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि शी जिनपिंग का यह रुख न केवल SCO के भीतर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की कोशिश है, बल्कि यह पश्चिमी देशों के प्रभाव को कम करने और एक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था (Multipolar World Order) स्थापित करने की चीन की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।
सुरक्षा को प्राथमिकता देना केवल आतंकवाद से लड़ना नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय संप्रभुता को बाहरी दबावों से सुरक्षित करना भी है।
राष्ट्रपति शी ने परमाणु सुरक्षा और सुरक्षा के लिए एक बहुपक्षीय साझेदारी की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने सूचना सुरक्षा, जैव-सुरक्षा और अंतरिक्ष सुरक्षा जैसे आधुनिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का सुझाव दिया। इसके साथ ही, उन्होंने 'शंघाई स्पिरिट' का उल्लेख करते हुए आपसी विश्वास और समानता के महत्व को रेखांकित किया।
आर्थिक मोर्चे पर, चीन ने SCO के भीतर तकनीकी और हरित सहयोग का प्रस्ताव रखा है। इसमें AI अनुप्रयोग केंद्र का विकास, सौर और पवन ऊर्जा क्षमता में वृद्धि, और व्यापार को सुगम बनाने के लिए ट्रांस-कैस्पियन अंतर्राष्ट्रीय परिवहन गलियारे की दक्षता में सुधार शामिल है।
Historical Background
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की स्थापना 2001 में हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच विश्वास और सद्भाव को बढ़ाना और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना है। चीन और रूस के नेतृत्व में, यह संगठन अब दुनिया के सबसे बड़े भूमि क्षेत्र और आबादी वाले समूहों में से एक बन गया है, जो दक्षिण-दक्षिण सहयोग का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।
Frequently Asked Questions
1. शी जिनपिंग ने किन सुरक्षा खतरों की पहचान की?
उन्होंने आतंकवाद, अलगाववाद, चरमपंथ, संगठित अपराध, नशीली दवाओं की तस्करी और टेलीकॉम धोखाधड़ी को मुख्य खतरों के रूप में पहचाना।
2. 'शंघाई स्पिरिट' क्या है?
यह आपसी विश्वास, आपसी लाभ, समानता, परामर्श और विभिन्न सभ्यताओं के सम्मान पर आधारित एक सहयोग दर्शन है।