शंघाई सहयोग संगठन (SCO) ने ईरान पर हुए हालिया हमलों की कड़ी निंदा की है। भारत की सक्रिय भागीदारी के साथ, शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के वित्तपोषण और कट्टरपंथ के खिलाफ वैश्विक एकजुटता पर जोर दिया गया है।
- SCO ने ईरान पर हमलों की वैश्विक स्तर पर निंदा की।
- प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के इकोसिस्टम को खत्म करने का आह्वान किया।
- आतंकवाद के वित्तपोषण और सुरक्षित पनाहगाहों के खिलाफ एकजुटता पर जोर।
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के हालिया शिखर सम्मेलन में, सदस्य देशों ने ईरान पर हाल ही में हुए हमलों के प्रति अपनी गहरी चिंता व्यक्त की और इनकी कड़ी निंदा की। इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत की उपस्थिति ने क्षेत्रीय स्थिरता और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में नई दिल्ली की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए आतंकवाद के खिलाफ एक सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि SCO को आतंकवाद के वित्तपोषण, भर्ती, कट्टरपंथ और सुरक्षित पनाहगाहों (safe havens) के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद को किसी भी रूप में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि SCO की यह घोषणा केवल एक औपचारिक बयान नहीं है, बल्कि यह वैश्विक सुरक्षा ढांचे में बदलते समीकरणों को दर्शाती है। भारत द्वारा आतंकवाद पर पाकिस्तान को घेरे जाने और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की मांग ने इस मंच को और अधिक प्रासंगिक बना दिया है।
आतंकवाद के खिलाफ दोहरे मापदंडों को अब और स्वीकार नहीं किया जा सकता; वैश्विक शांति के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण अनिवार्य है।
बैठक के दौरान, आतंकवाद के मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। जहाँ पीएम मोदी ने आतंकवाद पर पाकिस्तान को निशाना बनाया, वहीं शहबाज शरीफ ने सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को लेकर भारत पर पलटवार किया। यह द्विपक्षीय तनाव क्षेत्रीय सहयोग के मार्ग में एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
ऐतिहासिक रूप से, SCO का गठन मध्य एशिया में सुरक्षा और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए किया गया था। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में आतंकवाद और सीमा पार घुसपैठ जैसे मुद्दों ने इस संगठन के भीतर सुरक्षा चर्चाओं को केंद्र में ला दिया है।
Frequently Asked Questions
1. SCO ने ईरान के बारे में क्या निर्णय लिया?
SCO ने ईरान पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
2. प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद पर क्या कहा?
पीएम मोदी ने आतंकवाद के वित्तपोषण और कट्टरपंथ को खत्म करने के लिए एक मजबूत वैश्विक तंत्र की मांग की।