बिश्केक में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन में भारत और चीन ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता की मांग की, जबकि नेपाल में विनाशकारी बाढ़ ने अब तक 1,000 से अधिक लोगों की जान ले ली है।

  • पीएम मोदी ने आतंकवाद को राज्य नीति के रूप में उपयोग करने वाले देशों की कड़ी निंदा की।
  • शी जिनपिंग ने सुरक्षा, अलगाववाद और चरमपंथ को सदस्य देशों की प्राथमिकता बनाने का आह्वान किया।
  • नेपाल में बाढ़ का आंकड़ा 1,050 मौतों तक पहुंचा, 4,000 लोग अब भी लापता हैं।
  • कोलकाता और मुंबई के लिए संयुक्त राष्ट्र ने बढ़ते समुद्र स्तर के कारण गंभीर चेतावनी जारी की।

किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान वैश्विक सुरक्षा पर गहन चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ एक दृढ़ और सामूहिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आतंकवाद के वित्तपोषण और भर्ती के खिलाफ लड़ाई में किसी भी प्रकार के "दोहरे मानकों" (double standards) के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। भारत ने उन देशों को आगाह किया जो आतंकवाद को अपनी राज्य नीति के एक उपकरण के रूप में उपयोग करते हैं।

दूसरी ओर, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सदस्य देशों से आग्रह किया कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने न केवल आतंकवाद, बल्कि अलगाववाद, चरमपंथ और संगठित अंतरराष्ट्रीय अपराधों, विशेषकर ड्रग तस्करी और टेलीकॉम धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की। इस दौरान भारत ने शिखर सम्मेलन के 13 प्रमुख परिणामों को रेखांकित किया, जिसमें सुरक्षा खतरों के लिए एक विशेष केंद्र की स्थापना और ट्रांसनेशनल खतरों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाना शामिल है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, मोदी और जिनपिंग का एक ही मंच पर आतंकवाद के खिलाफ बोलना यह दर्शाता है कि यूरेशियाई क्षेत्र में अस्थिरता अब दोनों महाशक्तियों के लिए साझा चिंता का विषय बन गई है। हालांकि द्विपक्षीय तनाव बरकरार हैं, लेकिन आतंकवाद जैसे साझा खतरे पर सहमति क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।

"आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई के बिना कोई भी क्षेत्रीय आर्थिक प्रगति स्थायी नहीं हो सकती।"

राजनयिक चर्चाओं के बीच, नेपाल से हृदयविदारक खबरें सामने आईं। वहां भीषण बाढ़ और भूस्खलन के कारण मृतकों की संख्या 1,050 पार कर गई है। आठ जिलों में सुरक्षा बल अभी भी शवों की बरामदगी कर रहे हैं, जबकि लगभग 4,000 लोग लापता हैं। नेपाल के प्रसिद्ध अरबपति और परोपकारी बिनोद चौधरी ने आपदा प्रबंधन में भारत की त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना की और पुनर्निर्माण कार्य को एक "विशाल चुनौती" बताया।

वैश्विक स्तर पर, संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भारत के दो प्रमुख महानगरों, कोलकाता और मुंबई के लिए चेतावनी जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, समुद्र के बढ़ते स्तर के कारण इन शहरों में लाखों लोगों के घर डूबने का तत्काल खतरा है। इसके अतिरिक्त, यूक्रेन युद्ध के बीच राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने पुष्टि की कि रूस के ताजा हमलों में एक भारतीय नागरिक की जान गई है।

क्षेत्र/मुद्दा प्रमुख घटनाक्रम प्रभाव/परिणाम
SCO शिखर सम्मेलन आतंकवाद विरोधी स्टैंड 13 प्रमुख समझौतों पर सहमति
नेपाल आपदा भीषण बाढ़ 1,050+ मृत, 4,000 लापता
जलवायु परिवर्तन UN चेतावनी मुंबई-कोलकाता पर खतरा
क्या आप जानते हैं?: अमेरिकी ट्रेजरी डेटा के अनुसार, भारतीय प्रतिभूतियों में अमेरिकी निवेश 2015 के 130 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2025 में 390 बिलियन डॉलर हो गया है।

Frequently Asked Questions

1. एससीओ शिखर सम्मेलन में भारत का मुख्य मुद्दा क्या था?
भारत ने आतंकवाद को राज्य नीति के रूप में इस्तेमाल करने वाले देशों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने और आतंकवाद के वित्तपोषण में दोहरे मानकों को खत्म करने की मांग की।

2. नेपाल बाढ़ की वर्तमान स्थिति क्या है?
नेपाल में बाढ़ से अब तक 1,050 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 4,000 लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के कर्मचारी भी शामिल हैं।