शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में दुनिया के शक्तिशाली नेताओं ने एक साथ शिरकत की, जिसमें भारत, चीन और रूस के बीच जटिल कूटनीतिक संबंधों की झलक देखने को मिली। प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया।

  • SCO शिखर सम्मेलन में भारत, चीन और रूस के शीर्ष नेताओं ने एक साथ समूह फोटो में हिस्सा लिया।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद को रणनीतिक संपत्ति के रूप में उपयोग करने के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया।
  • पाकिस्तान के SCO अध्यक्षता संभालने के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया गया।

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के हालिया शिखर सम्मेलन ने वैश्विक भू-राजनीति के केंद्र में एक महत्वपूर्ण क्षण अंकित किया है। शिखर सम्मेलन की आधिकारिक समूह तस्वीर में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ पाकिस्तान के नेतृत्व को एक ही फ्रेम में देखा गया। यह तस्वीर वैश्विक शक्ति संतुलन में हो रहे बदलावों और इन देशों के बीच के तनावपूर्ण लेकिन आवश्यक संबंधों को दर्शाती है।

इस सम्मेलन के दौरान, भारत ने सुरक्षा खतरों और आतंकवाद के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आतंकवाद का उपयोग रणनीतिक संपत्ति के रूप में करना किसी भी देश के लिए स्वीकार्य नहीं है। यह बयान विशेष रूप से पाकिस्तान के संदर्भ में महत्वपूर्ण था, जो इस समय SCO की अध्यक्षता संभाल रहा है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह शिखर सम्मेलन केवल एक राजनयिक मिलन नहीं है, बल्कि यह यूरेशियाई क्षेत्र में शक्ति के पुनर्वितरण का संकेत है। भारत का इस मंच पर आतंकवाद के खिलाफ अपनी आवाज उठाना यह दर्शाता है कि वह अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखते हुए क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर समझौता करने के लिए तैयार नहीं है।

SCO मंच पर भारत की उपस्थिति यह सुनिश्चित करती है कि सुरक्षा और आतंकवाद जैसे वैश्विक मुद्दों को एजेंडे से हटाया नहीं जा सकता।

सम्मेलन के दौरान 13 प्रमुख परिणामों पर चर्चा की गई, जिनमें सुरक्षा सहयोग और आतंकवाद विरोधी उपायों पर विशेष जोर दिया गया। भारत ने स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय स्थिरता तभी संभव है जब सदस्य देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हों।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

SCO की स्थापना 2001 में हुई थी और इसका मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना है। पिछले कुछ वर्षों में, इस संगठन ने वैश्विक राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभानी शुरू कर दी है, खासकर जब पश्चिम और पूर्व के बीच तनाव बढ़ रहा है।

Did You Know?: SCO दुनिया का सबसे बड़ा क्षेत्रीय संगठन है जो वैश्विक आबादी के लगभग 40% हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है।

Frequently Asked Questions

1. SCO शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देना है।

2. भारत ने इस सम्मेलन में क्या मुख्य मुद्दा उठाया?
भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया और इसे रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का विरोध किया।