किर्गिस्तान में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने एक विवादित तस्वीर साझा की, जिसमें पीएम मोदी को क्रॉप कर दिया गया था। इस हरकत के बाद सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के कूटनीतिक व्यवहार की जमकर आलोचना हो रही है।
- किर्गिस्तान के बिश्केक में एससीओ शिखर सम्मेलन का आयोजन हुआ।
- पीएम मोदी ने सभी नेताओं के साथ 'फैमिली फोटो' साझा की, जबकि पाकिस्तान पीएमओ ने मोदी को क्रॉप कर तस्वीर डाली।
- सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे 'टिपिकल पाकिस्तानी माइंडसेट' करार दिया।
किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में एक ऐसा वाकया सामने आया जिसने राजनयिक शिष्टाचार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस उच्च-स्तरीय बैठक में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग जैसे वैश्विक दिग्गजों ने शिरकत की। सम्मेलन के दौरान एक आधिकारिक ग्रुप फोटो (फैमिली फोटो) ली गई, जिसने बाद में एक डिजिटल विवाद का रूप ले लिया।
घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक हैंडल से पूरी तस्वीर साझा की, जिसमें एससीओ के सभी सदस्य देशों के नेता एक साथ नजर आ रहे थे। इसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान सहित सभी प्रतिनिधि शामिल थे। यह तस्वीर वैश्विक एकजुटता और कूटनीतिक संतुलन का प्रतीक थी।
हालांकि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने जब इसी तस्वीर को अपने एक्स (ट्विटर) हैंडल पर साझा किया, तो उन्होंने तस्वीर को इस तरह से क्रॉप (काट) दिया कि प्रधानमंत्री मोदी और चार अन्य नेता फ्रेम से बाहर हो गए। इस क्रॉप की गई तस्वीर में केवल शी जिनपिंग, व्लादिमीर पुतिन और शहबाज शरीफ जैसे कुछ नेता ही दिखाई दे रहे थे, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा था कि शहबाज शरीफ केंद्र में हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह केवल एक फोटो एडिटिंग की गलती नहीं, बल्कि पाकिस्तान की उस गहरी असुरक्षा और हीन भावना को दर्शाता है जो वह भारत के बढ़ते वैश्विक कद को देखकर महसूस करता है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खुद को महत्वपूर्ण दिखाने के लिए डिजिटल हेरफेर करना पाकिस्तान की कमजोर कूटनीतिक स्थिति को उजागर करता है।
"अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में प्रतीकों और तस्वीरों का बड़ा महत्व होता है; जानबूझकर किसी नेता को फ्रेम से हटाना कूटनीतिक अशिष्टता की श्रेणी में आता है।"
सोशल मीडिया पर इस हरकत का तुरंत असर दिखा। यूजर्स ने पाकिस्तान पीएमओ के पोस्ट पर कमेंट करते हुए पीएम मोदी द्वारा साझा की गई असली तस्वीर को पोस्ट कर दिया और इसे 'फुल पिक्चर' बताया। कई लोगों ने इसे 'टिपिकल पाकिस्तानी माइंडसेट' कहते हुए उनका मजाक उड़ाया। कुछ यूजर्स ने तो शहबाज शरीफ की फोटो के साथ मीम्स बनाकर उनके इस प्रयास को विफल कर दिया।
ऐतिहासिक रूप से, एससीओ एक ऐसा मंच रहा है जहां भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बावजूद संवाद की कोशिशें होती रही हैं। लेकिन इस तरह की छोटी हरकतें दर्शाती हैं कि पाकिस्तान अभी भी पेशेवर कूटनीति के बजाय व्यक्तिगत ईर्ष्या और दिखावे पर अधिक केंद्रित है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: एससीओ शिखर सम्मेलन कहाँ आयोजित किया गया था?
उत्तर: यह शिखर सम्मेलन किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित किया गया था।
प्रश्न 2: विवाद का मुख्य कारण क्या था?
उत्तर: विवाद तब शुरू हुआ जब पाकिस्तान पीएमओ ने आधिकारिक ग्रुप फोटो से पीएम मोदी को क्रॉप कर दिया ताकि शहबाज शरीफ खुद को केंद्र में दिखा सकें।